Monday, June 5, 2017

चीन का Three Gorges बांध जिसने पृथ्वी के घूमने की गति धीमी कर दी | Three Gorges Dam facts

Three Gorges Dam Facts : चीन का थ्री गोर्जेस डैम
– दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर प्लांट चाइना में बना हुआ थ्री गोर्जेस डैम है. यह बांध 37 बिलियन डॉलर (करीब 2,38,335 लाख करोड़ रूपए) की लागत से बनकर तैयार हुआ है.
– Yangtze नदी पर बना हुआ थ्री गोर्जेस डैम चीन के Hubei प्रान्त में स्थित है. इस बांध की ऊंचाई 181 मीटर, लम्बाई 2.33 किलोमीटर, चौड़ाई 115 मीटर है. इस बांध को बनाने का मुख्य उद्देश्य बाढ़ की रोकथाम, बिजली पैदा करना है.
– Three Gorges Dam बनाने में 5,10,000 टन स्टील प्रयोग हुआ है. इतने स्टील से 60 एफिल टावर का निर्माण किया जा सकता है. इस बांध के बनने से बिजली बनाने में प्रयोग होने वाले 31 मिलियन टन कोयले की बचत होगी, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी होगी.
इस बांध में इकठ्ठा किया गया 42 बिलियन टन पानी 175 मीटर की ऊँचाई तक भरा हुआ है. पानी के इतने बड़े भारी जलाशय की वजह से पृथ्वी का जड़त्वाघूर्ण (Moment of Inertia) प्रभावित हो गया है. इसकी वजह से पृथ्वी के घूमने की कुछ गति धीमी हो गयी है.
– पृथ्वी के घूमने की गति धीमी होने से दिन के समय अन्तराल में 0.06 माइक्रोसेकंड्स की वृद्धि हो गयी है मतलब दिन थोड़ा लम्बा हो गया है.
– थ्री गोर्जेस डैम बनने की वजह से उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव अपनी जगह से 2-2 सेंटीमीटर खिसक गए हैं. इसके अतिरिक्त ध्रुवों पर पृथ्वी थोड़ा सा चपटी भी हो गयी है.
– भारत में जिस प्रकार टिहरी बांध बनने से लोगों को विस्थापित करना पड़ा, उसी प्रकार थ्री गोर्जेस डैम बनने से भी कई लोगों को विस्थापित होना पड़ा. थ्री गोर्जेस डैम बनने से 13 शहर, 140 कस्बे और 1600 से अधिक गांव बांध के जलाशय में समा गए. इसकी वजह से करीब 13,00,000 लोगों को पुनर्वासित किया गया.
– चीन का थ्री गोर्जेस डैम अमेरिका के महान हूवर डैम से 11 गुना अधिक बिजली पैदा करता है.
– चीन के इस डैम से निकले 45 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी को छोटे बांधों, सुरंगों, नहरों, पम्पिंग स्टेशन से मदद से 1600 किलोमीटर अपस्ट्रीम के क्षेत्र में प्रवाहित किया जायेगा.
– भारत के लिए थ्री गोर्जेस डैम चिंता का विषय बन सकता है. भारत को आशंका है कि इस बांध के बन जाने से ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर काफी नीचे गिर जायेगा और पानी में नमक स्तर बढेगा.

Friday, June 2, 2017

बालो को काला करे

गारंटी के साथ बालों को काला करे ये उपाय
  
हर किसी को बाल काले ही अच्‍छे लगते हैं लेकिन जब यह बिना बुढापे के ही सफेद होने लगें तो दिल घबरा सा जाता है। पर आपको जानना होगा कि बाल सफेद क्‍यों हो जाते हैं वो भी तब जब हमारी खेलने खाने की उम्र होती है। जब बालों में मिलेनिन पिगमेंटेशन की कमी हो जाती है तब बाल अपना काला रंग खो देते हैं और सफेद हो जाते हैं।
हांलाकि बालों का सफेद होना आज कल आम सी बात हो गई है इसलिये इसके लिये घबराना बिल्‍कुल नहीं चाहिये। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे जिसे आजमा कर आपके सफेद हो रहे बाल काले होने शुरु हो जाएगें। आइये जानते हैं इन नुस्‍खों के बारे में।
आमला और हिना से बनाया गया हेयर पैक सफेद हो चुके बालों को ढंकने के बहुत काम आता है।
पैन में पानी डालें, उसमें 2 चम्‍मच चाय की पत्‍ती डाल कर खौलाएं और जब यह पानी ठंडा हो जाए तो इसे छान कर बालों में लगाएं। इसे लगाने के बाद बालों में शैंपू न लगाएं वरना असर खत्‍म हो जाएगा।
अपनी डाइट में कडी पत्‍ता शामिल करें। इसे आप चटनी के रूप में खा सकते हैं। इसको खाने से बालों का सफेद होना रुक जाएगा।
नारियल तेल को कडी पत्‍ता और आमला के साथ गरम करें। इस तेल को लगातार लगाने से बाल मजबूत होगें और उसका पुराना रंग वापस आ जाएगा।
बालों को सफेद होने से रोकने के लिये बालों और सिर की त्‍वचा पर अम्‍लान का रस लगाएं। इससे बाल ज्‍यादा उगते हैं और वह शाइनी और कोमल होते हैं।
आमला हो या उसका पाउडर, दोनों ही बालों को काला करने में मददगार होते हैं। आमला का रस अगर बादाम के तेल में मिक्‍स कर के बालों में लगाया जाए तो बाल काले होगें।

Wednesday, May 31, 2017

पुनर्नवा मूल

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*पुनर्नवा सुजन को नष्ट करती है यह ह्रदय रोग व किडनी के विकारों में (पथरी,किडनी फेल्युअर, किडनी की सुजन आदि) में विशेष लाभदायी है*
*प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि होने पर पुनर्नवा की जड़ के चूर्ण का सेवन करें*
*संधिवात में पुनर्नवा के पत्तों की भाजी सोंठ डालकर खायें.*
*पैर की एड़ी में वेदना होती हो तो पुनर्नवा में सिद्ध किया हुआ तेल पैर की एड़ी पर लगाए एवं सेंक करें।*
*मोटापा दूर करने के लिए पुनर्नवा के 5 ग्राम चूर्ण में 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम लें। पुनर्नवा की सब्जी बना कर खायें।*
*पेट के रोगः गोमूत्र एवं पुनर्नवा का रस समान मात्रा में मिलाकर पियें।1. पुनर्नवा सुजन को नष्ट करती है यह ह्रदय रोग व किडनी के विकारों में (पथरी,किडनी फेल्युअर, किडनी की सुजन आदि) में विशेष लाभदायी है.*
*2⃣ प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि होने पर पुनर्नवा की जड़ के चूर्ण का सेवन करेंसंधिवात में पुनर्नवा के पत्तों की भाजी सोंठ डालकर खायें।*
 *3⃣ पैर की एड़ी में वेदना होती हो तो पुनर्नवा में सिद्ध किया हुआ तेल पैर की एड़ी पर लगाए एवं सेंक करें।*
*4⃣ मोटापा दूर करने के लिए पुनर्नवा के 5 ग्राम चूर्ण में 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम लें।*
 *5⃣ पुनर्नवा की सब्जी बना कर खायें।पेट के रोगः गोमूत्र एवं पुनर्नवा का रस समान मात्रा में मिलाकर पियें।*
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Sunday, May 28, 2017

बिच्छु का काटना, कांटा लग जाना, कांच गुस जाना, मधुमक्खी काटना

बिच्छू के डंक मारने पर ये दवा लें ,कुछ ही समय पर डंक अपने आप बाहर निकल जाएगा । जरूर पढ़ें ।

मित्रो बिच्छू काटने पर बहुत दर्द होता है और जिसको बिच्छू काटता है उसके सिवा और कोई जान नही सकता कितना भयंकर कष्ट होता है। तो ऐसी परिस्थिति मे क्या करना चाहिए ? तो बिच्छू काटने पर एक दावा है होमेओपेथी की दवा है ! उसका नाम है Silicea -200 इसका लिकुइड 5 ml घर में रखे । बिच्छू काटने पर इस दावा को जीभ पर एक एक ड्रोप 10-10 मिनट अंतर पर तीन बार देना है । बिच्छू जब काटता है तो उसका जो डंक है न उसको अन्दर छोड़ देता है वो ही सबसे ज्यादा दर्द करता है । इस डंक को बाहर निकलना आसान काम नही है, डॉक्टर के पास जायेंगे वो काट करेगा चीरा लगायेगा फिर खिंच के निकालेगा उसमे उसमे ब्लीडिंग भी होगी तकलीफ भी होगी । ये मेडिसिन इतनी बेहतरीन मेडिसिन है के आप इसके तीन डोस देंगे 10-10 मिनट पर एक एक बूंद और आप देखेंगे वो डंक अपने आप निकल कर बाहर आ जायेगा। सिर्फ तीन डोस में आधे घन्टे में आप रोगी को ठीक कर सकते है। बहुत जबरदस्त मेडिसिन है ये Silicea 200. आपको जानकार हैरानी होगी ये मेडिसिन मिट्टी से बनती है,वो नदी कि मिट्टी होती है न जिसमे थोड़ी बालू रहती है उसी से ये मेडिसिन बनती है ।इस मेडिसिन को और भी बहुत सारी काम में आती है । अगर आप सिलाई मशीन में काम करती है तो कभी कभी सुई चुभ जाती है और अन्दर टूट जाती है उस समय भी आप ये मेडिसिन ले लीजिये ये सुई को भी बाहर निकाल देगा। आप इस मेडिसिन को और भी कई जगह मे प्रयोग कर सकते है जैसे कांटा लग गया हो , कांच घुस गया हो, ततैया ने काट लिया हो, मधुमखी ने काट लिया हो ये सब जो काटने वाले अन्दर जो छोड़ देते है वो सब के लिए आप इसको ले सकते है । बहुत तेज दर्द निवारक है और जो कुछ अन्दर छुटा हुआ है उसको बाहर निकलने की मेडिसिन है ।
और तो और हमारी सेना के जवानो को युद्ध बम आदि के कारण बम के छर्रे शरीर मे रह जाते है ! जिसे डाक्टर मे भाई बहुत बार निकालने के लिए माना कर देते है ! राजीव भाई ने ऐसे बहुत से जवानो को इसी दवा से ठीक किया है ! इसके बहुत ही चमत्कारिक परिणाम आते है !
बहुत सस्ता मेडिसिन है 5 ml सिर्फ 10-20 रूपए की आती है इससे आप कम से कम 50 से 100 लोगों का भला कर सकते है ।

Saturday, May 27, 2017

अगर हार्ट अटैक से बचना है तो तुरंत बंद कर दे मलेशिया से इम्पोर्ट यह तेल (Palm Oil)

भारत के तेल बाज़ार मे अब सबसे ज्यादा विदेशी तेल बिक रहा है । आप जानते है एक मलेशिया नाम का छोटा सा देश है, उस देश का एक तेल है जिसका नाम है पामोलिन तेल (Palm Oil). ये पामोलिन तेल सबसे जादा भारत के बाज़ार मे है वो भी लाखो टन । अब पामोलिन तेल का भाव भारत मे आके पड़ता है 20-22 रूपए लीटर (अब 45 रूपए लीटर) और भारत के किसान जो तेल उत्पन्न करके देता है वो है 40 रूपए लीटर (अब 85 रूपए लीटर) । अब भारत का किसान सरसों का तेल पैदा करे 40 रूपए लीटर (अब 85 रूपए लीटर), नारियेल का तेल पैदा करे 60 रुपये लीटर, तिलहन का तेल पैदा करे 90 रूपए लीटर पर पाम तेल का भाव मिलता है 20-22 रूपए लीटर तो सारे तेल बेचनेवाले उद्योगपति धड़ल्ले से लाखों लाखों टन पाम तेल इम्पोर्ट कर रहें है और उस पामोलिन तेल को मिलावट करके आपको बेच रहें है । आप बाज़ार से डिब्बा बंध जितना भी तेल लाके खातें है वो सब पाम तेल है ।
आपको सुनकर हैरानी होगी के 4-5 साल पहले हमारे देश मे ऐसा कानून था के पाम तेल किसी भी दुसरे तेल मे मिलके नहीं बेचा जा सकता GATT करार और WTO के दबाव मे अब कानून ऐसा है के palm तेल किसी भी तेल मे मिलाके बेचा जा सकता है । रिफाइंड और Doubled रिफाइंड तेल के नाम से बाज़ार मे जितना भी तेल मिल रहा है वो सब पाम तेल है ।
इस पाम तेल के दो दुष्परिणाम है –
1. जो जो किसान सरसों, नारियेल, तिल पैदा कटे थे उनको नुकसान क्योंकि उनको अपने तेल का भाव नहीं मिलता।
2. जो पाम तेल खएगा उसको हार्ट अटैक जरुर होगा, क्योंकि पाम तेल मे सबसे जादा ट्रान्स फैट्स है और ट्रान्स फैट्स कभी भी शरीर मे विघटित नहीं होते, किसी भी तापमान पर विघटित नहीं होते और फैट्स जमते जमते जरुरत से जादा हो जाता है तो हृदयघात आता है और आदमी मर जाता है, ब्रेन हेमारेज होता है और आदमी को पक्षाघात होता है, हाइपर टेनशॉन आता है, बिपि होता है । तेल का बाज़ार अब पूरी तरह से विदेशियों के कब्ज़े मे चला गया है।

Wednesday, May 24, 2017

चूहे, काक्रोच, खटमल से मुक्ति

*छोटे छोटे उपाय से मुक्ति*

1. चूहों से मुक्ति चूहों को पिपरमिंट की गंध बिल्कुल पसंद नहीं होती. अगर घर में चूहे उत्पात मचा रहे हैं तो रूई के कुछ फाहों को पिपरमिंट में डाल कर उनके होने की संभावित जगह के पास रख दें. इसकी गंध से उनका दम घुटेगा और वे मर जाएंगे.
2. कॉकरोच से राहत काली-मिर्च, प्याज और लहसुन को पीसकर मिला लें और इस पेस्ट में पानी डालकर एक सॉल्यूशन तैयार कर लें. इस सॉल्यूशन को उन जगहों पर छिड़कें, जहां कॉकरोच बहुत ज्यादा हैं. इसकी तेज गंध से वे आपका घर छोड़कर भाग जाएंगे.
3. मक्खी से मुक्ति मक्खियों को दूर रखने के लिए कोशिश करें कि घर साफ और दरवाजे बंद रहें. बावजूद इसके मक्खियां घर में आ जाएं तो कॉटन बॉल को किसी तेज गंध वाले तेल में डुबोकर दरवाजे के पास रख दें. तेल की गंध से मक्खियां दूर रहती हैं और इस उपाय को आजमाएंगे तो वे आपके घर से तुरंत भाग जाएंगी.
4. खटमल मारो प्याज का रस खटमल को मारने की प्राकृतिक औषधि है. इसकी गंध से उनकी सांस बंद हो जाती है और ये तुरंत मर जाते हैं.
5. छिपकली भगाओ अंडे के खाली छिलकों को कुछ ऊंचाई पर रख दें. अंडे की गंध से छिपकली दूर भागती हैं. इनको घर से भगाने का यह एक कारगर उपाय है.
6. अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं . wash basin में ही यह काम कर आया करें ! यश,मान-सम्मान में अभिवृध्दि

अतिराज (Menorrhagia), रक्तश्राव

अतिरज (Menorrhagia)
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इस रोग मे योनि स्राव पिरियड खत्म होने के बाद भी चलता रहता है यानि 10-15 रोज तक या महीने मे 2-3 बार पिरियड आ जाता है |

*कारण -:* इसका मुख्य कारण हार्मोन्स का unbalance होना है, कुछ अन्य कारण भी हो सकता है जैसे योनी मे इन्फेक्सन, योनी पर चोट या ट्यूमर

*एलोपैथ -:*
♦इसमे स्त्री रोग विशेषज्ञ स्त्री हार्मोन्स Progestrone कि दवा अपनी देख-रेख मे देते है या अन्य कारण मे जांच कराकर उसकी चिकित्सा करते है |


*होमेयोपैथ -:*
➖ Secal Cor 30 -- 3 खुराक रोज 3 बार
➖Hydrastis Q -- 10-10 बूँद 3 बार रोज पानी के साथ
➖Ashoka Q -- 15-15 बूँद 3 बार रोज पानी के साथ |


*☘आयुर्बेद -:*

*♓ आम की गुठली का 1 से 2 ग्राम चूर्ण 5 से 10 ग्राम शहद के साथ लेने से या एक पके केले में आधा तोला घी मिलाकर रोज सुबह-शाम खाने से रक्तप्रदर में लाभ होता है।

*♈ 10 ग्राम खैर का गोंद रात में पानी में भिगोकर सुबह मिश्री डालकर खाने से अथवा जवाकुसुम (गुड़हल) की 5 से 10 कलियों को दूध में मसलकर पिलाने से रक्तप्रदर में लाभ होता है।

*♊ अशोक की 1-2 तोला छाल को अधकूटी करके 100 ग्राम दूध एवं 100 ग्राम पानी में मिलाकर उबालें। केवल दूध रहने पर छानकर पीने से रक्तप्रदर में लाभ होता है।

* ♑गोखरू एवं शतावरी के समभाग चूर्ण में से 3 ग्राम चूर्ण को बकरी या गाय के सौ ग्राम दूध में उबालकर पीने से रक्तप्रदर में लाभ होता है।

* कच्चे केलों को धूप में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें। इसमें से 5 ग्राम चूर्ण में 2 ग्राम गुड़ मिलाकर रक्तप्रदर की रोगिणी स्त्री को खिलाने से लाभ होगा। इस चूर्ण के साथ कच्चे गूलर का चूर्ण समान मात्रा में मिलाकर प्रतिदिन प्रातः-सायं 1-1 तोला सेवन करने से ज्यादा लाभ होता है |

*⚠सावधानीः* उपचार के दौरान लाभ न होने तक आहार में दूध व चावल ही लें। बुखार हो तो उन दिनों उपवास करें l