*बाल झड़ने की समस्या का घरेलू उपचार*---
1.एक लीटर तिल के तेल में एक मुठ्ठी भृंगराज की सूखी या गीली पत्तियाँ या उनका पाउडर मिला लें ।इस तेल को 15-20 मिनट तक उबालें,और फिर ठंडा करके छान लें।इस तेल को सुबह लगाये, और आधा घंटे बाद किसी भी आयुर्वेदिक शैम्पू से सिर धो लें। इससे एक हफ्ते में ही बाल झड़ना बंद हो जाते हैं ।
2. काले तिल को शहद और दूध में पीसकर सिर पर लेप करें।इससे बाल गिरना बंद हो जाते हैं और बाल तेजी से बढ़ते भी हैं ।
3.काले तिल,आंवला और मुलहठी पीसकर शहद में मिलाकर सिर पर लेप करें ।इसको लगाने से बाल गिरना तो बंद होता ही है साथ में बाल कालें भी होते हैं और तेजी से बढ़ते भी हैं ।
Sunday, April 15, 2018
बाल झड़ना
शुगर
🍚सुगर का बेहतरीन इलाज ///
तीन दिन मे 🤒सुगर खत्म ///
तीन भिन्डी लेकर उनके दोनों सिरे काट दें ,हर भिन्डी के बीच मे चाकू से चीरा लगा दें,ताकि उसके अन्दर की जो लीस होती है वह बाहर निकलना शुरू हो जाये,अब भिन्डियों को सारी रात एक गिलास पानी मे भिगोकर छोड दें,सुबह नाश्ता करने के एक घंटे बाद भिन्डियाँ गिलास से निकाल लें पानी हिलाये बगैर उस पानी को पी लें, इसके एक घंटे बाद अपनी सुगर चेक करें,जिनको 300से ऊपर सुगर रहती है वह इस पानी को तीन दिन तक पियें तो आप देखेंगे कि सुगर 150से भी कम हो गया है,
इस नुस्खे को मामूली समझकर नजरअंदाज मत कीजिये,,बहुत ही हैरतअंगेज नुस्खा है !
इसके बारे मे दूसरों को भी बतायें,
देशी सेरलेक
घर पे सेरेलक बनाने का तरीका :-*
सामग्री :-*
👉🏻 १ कप रागी
👉🏻 १ कप बाजरा
👉🏻 १ कप गेहूं
👉🏻 १ कप मकई (छोटी)
👉🏻 १ कप मकई (बड़ी)
👉🏻 १ कप ब्राउन राइस
👉🏻 १ कप मुंग दाल
👉🏻 १ कप चना दाल
👉🏻 १ कप भुना चना
👉🏻 १ कप उरद की दाल
👉🏻 आधा कप बादाम
घर पे बच्चों के लिए सेरेलक बनाने की विधि :-भारतीय आयुर्विज्ञान से सौन्दर्य विशेषज्ञा वनीता जैन बता रही हैं कि बादाम को छोड़ कर सभी सामग्रियों को रात भर पानी में भिगो के छोड़ दें। अगले दिन पानी को निकाल दें और उसे अच्छी तरह सूखने के लिए धुप में फैला के रख दें। सूख जाने पे इसे तवे पे हल्का भून लें। सारी सामग्री को ब्लेंडर में पीस लें। अच्छी तरह पीस कर इसे एयर टाइट कंटेनर में रख दें।
घर के बने सेरेलक को तैयार करने का तरीका :-*
एक कडाही को गैस पे माध्यम आंच पे चढ़ाएँ।इसमें दो बड़े चम्मच घर-पे-निर्मित सेरेलक डालें और हल्का सा भुन लें।
इसमें एक बड़ा गिलास पानी डाल दें और माध्यम आंच पे पकने दें। अब इसे दलिए की तरह पकाएं।
आवश्यकता अनुसार इसमें नमक या चीनी मिलाएं।सौन्दर्य विशेषज्ञा वनीता जैन का कहना है कि छोटे शिशु के लिए आहार तैयार करते वक्त इसमें नमक या चीनी मिलाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
त्वचा रोग
*त्वचा का कालापन दूर करने का घरेलू उपचार*---
एक बाल्टी ठंडे जल में दो नींबू का रस मिलाकर गर्मियों में निरन्तर कुछ मास स्नान करें । शीतकाल में हल्के गर्म पानी में नींबू निचोडकर स्नान कर सकते हैं । नींबू मिश्रित जल से स्नान करने से रोम-छिद्र स्वतः ही खुल जाते है और त्वचा का रंग गोरा होने लगता है।
इमली 60ग्राम लेकर 250ग्राम पानी में फूलने दे।उसे मसल मथकर चटनी के समान बना लें । इसे शरीर की त्वचा पर मलकर दस पन्द्रह मिनट बाद स्नान किया जाय तो कुछ ही दिनों में काला व्यक्ति गोरा होने लगता है तथा झांई, दाग, पित्ती आदि से छुटकारा मिल जाता है । गर्मियों के मौसम में सप्ताह में दो बार आवश्यकतानुसार तीन-चार सप्ताह तक यह प्रयोग कर सकते है
विटामिन सी
विटामिन सी (Vitamin C)
विटामिन सी एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत है. जिसका प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है. इसे आप आसानी से पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं. इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड यूरिक एसिड के लेवल को नियंत्रण में रखता है.
सेब (Apple)
सेब में मेलिक एसिड मौजूड होता है, यह यूरिक एसिड के स्ट्रा को कंट्रोल में करता है और दर्द को भी कम करने में मदद करता है. ऐसे लोग जिनका यूरिक एसिड उच्च रहता है उन्हें रोजाना एक सेब नियमित रूप से खाना चाहिये.
बेरियाँ (Berries)
बेरियों में ब्लूबेरी, क्रेनबेरी के अलावा रंगीन और गहरे रंग की बेरीज का प्रयोग करना चाहिए. इनमें अतिरिक्त कैलोरी भी नहीं होती जिससे आप रोजाना इसे शाम के स्नैक्स के समय सेवन कर सकते हैं.
सब्जियां (Vegetables)
अगर आप बहुत अधिक फलों का सेवन करना नहीं चाहते ह=तो सब्जियों में भी अनेक विकल्प मौजूद हैं जिनका प्रयोग खान ए और जूस आदि के रूप में भी किया जा सकता है. अनेक तरह की हरी सब्जियां यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रण में रखने में सहयोग देती है. अपने लिए उचित सब्जी का चुनाव आप अपने चिकित्सक की सलाह से भी ले
किसी भी शारीरिक परेशानी को दूर करने का सबसे पहला उपाय पानी है. पानी पीना सेहत के लिए ज़रूरी है और इसकी सही और अधिकतम मात्रा का सेवन किया जाना और भी बेहतर होता है. हनिकारक एसिड तत्व को पेशाब द्वारा शरीर से बाहर निकालने में पानी का ख़ास योगदान है, इसीलिए जितना हो सके उतनी मात्रा में पानी पियें.
पानी के अलावा पानी से भरपूर फलों और सब्जियों का भी सेवन किया जा सकता है जिसमें टमाटर, तरबूज, खीरा आदि प्रमुख हैं. इन सब्जियों में एल्केलाइन होता है जो यूरिक एसिड को कम करता है. यूरिक एसिड को कम करने के लिए चाय या काफी का प्रयोग बिल्कुल कम कर दें, इसमें मौजूद कैफीन की मात्रा नुकसानदायक होती है.
टॉन्सिल
Best home remedies for tonsillitis – टॉन्सिल के घरेलू उपाय
टॉन्सिल गले के दोनों ओर स्थित लिम्फेटिक टिश्यु या ऊत्तक होते हैं. ये ऊत्तक बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़कर सुरक्षा का कार्य करते हैं. ये उन बैक्टीरिया और वायरस को अपने में अवशोषित करते हैं जो शरीर के किसी अंग या भीतरी हिस्से को क्षति पहुंचा सकते हैं. टोंसिलाइटिस होने पर सूजन और दर्द का अनुभव होता है. यह खासकर बदलते हुए मौसम में बच्चों को प्रभावित करता है. यह अवस्था तब दिखाई देती है जब टोंसिल कीटाणुओं या बैक्टीरिया का सामना नहीं कर पाते और उनमें परिणामस्वरूप सूजन हो जाती है.
टोंसिलाइटिस के लक्षण और जांच
(Tonsillitis test or diagnosis)
टोंसिलाइटिस की अवस्था में सूखा बलगम, उच्च शरीर ताप या ज्वर के साथ कंपकपी होती है. सांसों में दुर्गन्ध भी इसका एक खास लक्षण है. शुरूआती दिनों में सूजन और लालिमा मुंह और जीभ में भी दिखाई देती है. टोंसिलाइटिस 12 से 13 दिनों तक प्रभवे रहता है और इसके दोबारा लौटने की संभावना भी हो सकती है. ठंडे या मौसम के बदलने के दौरान यह फिर अपना प्रभाव दिखा सकता है. इसमें गले में सूजन के साथ साथ जीभ कठोर और स्वाद खराब होने का अनुभव भी होता है.
अगर रोगी डॉक्टर के पास जाये तो उसे गले में एक तरह की पट्टी लगा कर टेस्ट के लिए भेजा जाता है.
बैक्टीरिया और वायरस का सामना करने की वजह से यह समस्या गले को प्रभावित करती है. जब टोंसिल वायरस का सामना कर उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते तो यह प्रभावित होकर सूज जाते हैं. इस रोग में बात करने में परेशानी होती है. यह स्थिति गले में दर्द से भी बदतर होती है जिसमें मुंह की लार को निगलना भी तकलीफदेह होता है. टोंसिल का प्रमुख लक्षण गले में अचानक सूजन और दर्द है.
[14/04 10:08 pm] +91 99889 91397: टोंसिल के रोगी को ठन्डे मौसम और ठन्डे पदार्थों के सेवन में अत्यधिक तकलीफ महसूस होती है. अगर रोग नया हो तो इसमें सुधार किया जा सकता है लेकिन पुराने टोंसिल के रोग में मरीज की हालत बहुत खराब हो जाती है. इस समय किसी भी तरह का ठंडा पदार्थ खाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
टोंसिल में गले के साथ साथ दर्द कान के हिस्से तक पहुँच जाता है और साथ ही दिन में सिर दर्द की समस्या भी हो सकती है. लार या भोजन को निगलना बहुत कठिन होता है. भूख में भी कमी आ जाती है. मरीज को बोलने में तकलीफ होने के साथ ज्वर भी बना रहता है.
घर या रसोई में कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो टोंसिल के घरेलू इलाज या उपाय के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. ये चीजें संक्रमण को दूर करने में उपयोगी हैं.
गर्म पानी (Warm water)
गर्म पानी दर्द और सूजन में आराम देता है. दिन में 2 से 3 बार गर्म पानी में गरारा करने से सूजन में कमी आती है और दर्द में भी राहत मिलती है.
हल्दी (Turmeric)
हल्दी में दर्दनिवारक गुण होते हैं. हल्दी का प्रयोग गर्म पानी में मिलाकर गरारे के रूप में किया जा सकता है. इसके अलावा हल्दी का एक और प्रयोग भी है. गर्म पानी में हल्दी, काला नमक और काली मिर्च मिलाकर उबालें. इस पानी का प्रयोग गरारे के रूप में दिन में एक बार करें. रात को सोने के पहले इस प्रयोग को करना अधिक लाभदायक होता है.
काली मिर्च (Black pepper)
काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से युक्त एक औषधि है. यह दर्द को भी कम करने में मदद करता है. काली मिर्च का पाउडर दिन में 3 से 4 बार विभिन्न तरीकों से सेवन किया जाना लाभदायक है.
तुलसी अदरक की चाय (Basil ginger tea)
अदरक, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी के उबालकर काढ़ा बना लें. इसे ठंडा करके रखें. रात को सोने से पहले इसे दूध में मिलाकर पी लें.
हृदय रोग
*सफल सिद्ध नुस्खे*---
*ह्रदय रोग*--अश्वगंधा, निर्गुण्डी, गिलोय, अर्जुन छाल, वायविडंग, आंवला, हरड, बहेडा, कालीमिर्च, पीपर, सोंठ--सभी द्रव्यों का घनसत्व बनाकर एक सार कर लें । इसकी 1-1 ग्राम मात्रा शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करें।यदि स्वस्थ व्यक्ति भी इस नुस्खे का सेवन वर्ष में एक महिने भर के लिए कर लें तो ह्रदय रोग की सम्भावना लगभग नगण्य हो सकती है ।
वजन बढ़ाना
*वजन बढ़ाने के लिए सरल घरेलू इलाज*---
*केला* एक नग
*चीनी* दो चम्मच
*दूध* एक कप
*किशमिश* दो बड़ा चम्मच
*विधी*--केला पीसकर उसमें चीनी, दूध और किशमिश मिला दें। सुबह नाश्ते के थोड़ी देर बाद इसे पीएं ।वजन बढ़ाने के लिए इसको एक महिने तक लगातार लें । एक सप्ताह में ही फर्क महसूस होने लगेगा ।
बाल तोड़
थोड़े तुलसी के पत्ते और उतनी ही मात्रा में पीपल की कोपल ले और उन्हें पीस कर चटनी बना कर लगा ले और सूखने दे बस इसका असर इतना तीव्र है की अगर बालतोड़ पक भी गया हो बस फूटा न हो तो 24 घंटे में आप ये प्रयोग 4 बार दोहरा दे तो वहाँ आपको निशान तक नही मिलेगा सिर्फ 24 घंटे में ही
कब्ज के लिये औषधि
कब्ज के लिए औषधि :-
सामग्री ----- (1) हरड 50 gm (2) सूखा आवला 50 gm (3) बहेड़ा 50 gm (4) काली हरड 100 gm (5) एरंड तेल 50 gm (6) मुलहठी 50 gm
निर्माण विधि (1) केवल काली हरड को एरंड तेल में हलकी आंच पर ठीक से भूनकर पीस लें
(2) अब बाकी बचे हरड, सूखा आवंला, बहेड़ा, मुलहठी को अलग से पीस लें और इसमें भूनी हुई काली हरड का पाउडर मिला कर कांच के बर्तन में रख ले
सेवन विधि (1) वयस्क 1 छोटा चम्मच चम्मच रात को सोते समय दूध से ले। ऐसे लोग जिन्हें दूध मना हो वो गुनगुने पानी से लें. अत्यंत वृद्ध व्यक्ति भी ले सकते हैं
(2) 5 वर्ष से ऊपर के बच्चों को चौथाई से आधा छोटा चम्मच तक अवस्थानुसार दे सकते हैं...5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को न दें
लाभ -- यह औषधि कब्ज में तो लाभ करेगी ही यह एक रसायन भी है नियमित रूप से लेने से .आँखों की रौशनी भी अच्छी रहती है असमय सफेद होने वाले बालों से छुटकारा मिलता है.
यह औषधि निरापद है यदि लगातार लिया जाए तो भी कोई हानि नही है इसकी आदत नहीं पड़ती है
बाजार में उपलब्ध पेट साफ़ करने वाले चूर्ण गोलियों आदि में सनाय होने के कारण पेट में मरोड़ होती है आँतों की स्वाभाविक गतिविधियों पर असर होता है जो दीर्घकाल में हानिप्रद सिद्ध होता है
Sunday, April 1, 2018
दालचीनी की फायदे
💃 *दालचीनी* 💃
*दूध तो हम में से कई लोग पीते है फिर भी लोगो को शिकायत रहती है कि उन्हें दूध पचता नही है और ना ही शरीर को लगता है।*
*आज हम आपको एक ऐसी चीज बतायेंगे जिसे दूध में डालकर पीने से आपका शरीर फौलाद की तरह बन जायेगा। आप बीमारियों से कोसों दूर हो जाएंगे और एक स्वस्थ-निरोगी काया पाएंगे।*
ये चीज है *दालचीनी* जिसे हम दैनिक जीवन मे बहुतायत से उपयोग करते है पर इसके कई फायदों से अनजान हैं। दालचीनी को इसके अनोखे गुणों के कारण वंडर स्पाइस भी कहते है। दालचीनी को दूध के साथ मिलाकर पीने से इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते है, ये ना केवल आपके शरीर को मजबूत करती है बल्कि सुंदरता भी बढ़ाती है।
दालचीनी वाला दूध बनाने के लिए आपको एक ग्लास गर्म दूध में आधा चम्मच दालचीनी अच्छी तरह मिला देना है और इसका गर्म ही सेवन करना है। इस दूध को पीने से आपको कई फायदे होंगे जैसे-
◆आपका ब्लड सुगर लेवल रेगुलेट रहेगा यानि डाइबिटिज के मरीजो के लिए दालचीनी वाला दूध बहुत बहुत फायदेमंद है।
◆ये स्किन और बालों से सम्बंधित हर समस्या को दूर करता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते है जो बालों और स्किन से जुड़ी रोगाणुओं को नष्ट कर देते हैं।
◆दालचीनी वाले दूध का सेवन करने से गठिया और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होती ही नही हैं। और जिन लोगो को अर्थराइटिस से सम्बंधित समस्या है उन्हें इससे आराम मिलेगा।
◆पढ़ाई करने वाले छात्रों को दालचीनी वाला दूध देने से उनकी एकाग्रता और मेमोरी पावर बढ़ता है।
◆यदि आपको नींद ना आने की समस्या है तो रोज रात को ये दूध पीने से आपकी ये समस्या धीरे धीरे चली जायेगी।
◆यदि आप वजन कम करने के लिए परेशान हो रहे है तो रोज रात को दालचीनी वाला दूध पीने से आप महीने में 3 से 4 किलो वजन घटा सकते है।
◆दालचीनी वाले दूध का सेवन करने से आपको जीवन मे कभी भी दिल की बीमारी या हार्ट स्ट्रोक का सामना नही करना पड़ेगा।
यह मैसेज अगर आपको अच्छा लगे या समझ में आये कि यह किसी के लिया रामबाण की तरह काम आएगा तो आप से 🙏निवेदन है कि इस मैसेज को अपने *परिचित /मित्र/ या आपके व्हाट्स एप्प ग्रुप फ्रेंड्स* तक भेज दे ।
आपका यह कदम *स्वस्थ भारत के निर्माण* मैं योगदान के रूप में होगा
दुआ मैं बड़ी ताकत होती है।
Thursday, March 29, 2018
बच्चो के विकास के लिये
*बच्चों के विकास के लिए*
*बॉर्न्विटा हॉर्लिक्स वगैरह बच्चों के इम्यून सिस्टम को बिगाड़ देते हैं, इन्हें कभी प्रयोग नही करना चाहिए।*
मखाना 50 ग्राम
छुहारा 50 ग्राम
किश्मिस् 50 ग्राम
मुनक्का 50 ग्राम
अखरोट 50 ग्राम
बादाम 50 ग्राम
छोटी इलायची 10 ग्राम
सौंफ 50 ग्राम
अश्वगंधा पाउडर 50 ग्राम
मिश्री 200 ग्राम
सबको कूट पीस कर रख लें, 1 चम्मच ये पाउडर दूध में मिला कर दें,
*बुद्धि और शरीर के विकास के लिए उत्तम है।*
दस्त और पेट की समस्या
दस्त और पेट से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां उन लोगों को होती हैं जाक बाहर खाना खाते हैं लेकिन इस बात की गारंटी नहीं ली जा सकती है कि जो लोग घर पर खाना खाते हैं उनका पेट हमेशा ठीक ही रहेगा.
पेट में इंफेक्शन होने के कई कारण हो सकते हैं. कई बार गलत खानपान की वजह से तो कई बार सफाई से नहीं रहने की वजह ये पेट से जुड़ी समस्याएं हो जाती हैं. इंफेक्शन हो जाने से बार-बार मोशन होना, कमजोरी होना, उल्टी होना और कभी-कभी बुखार होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
अगर आपका पेट खराब हो गया है और आप दवाई खाने से बचना चाहते हैं या फिर दवा का आप पर असर नहीं हो रहा है तो एकबार डाक्टर के परामर्श से इन घरेलू उपायों को भी आजमाकर देखें.
1. ज्यादा से ज्यादा करें पानी पिएं
पेट खराब होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. आप फलोें का जूस और सब्जियों का रस भी ले सकते हैं. बेहतर होगा अगर पानी में लवण मिला हो. आप चाहें तो नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल या फिर नारियल पानी ले सकते हैं. गाजर का जूस भी ऐसे समय में काफी फायदेमंद होता है.
2. अदरक भी करेगा फायदा
अपसेट पेट में अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है. इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है. एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है.
3. दही है फायदेमंद
पेट दर्द में दही का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहता है. दही में मौजूद बैक्टीरिया संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जिससे पेट जल्दी ठीक होता है. साथ ही ये पेट को ठंडा भी रखता है.
4. केला खाना भी रहेगा सही
अगर आप बार-बार हो रहे मोशन से परेशान हो चुके हैं तो केले का इस्तेमाल आपको राहत देगा. इसमें मौजूद पेक्टिन पेट को बांधने का काम करता है. इसमें मौजूद पोटैशियम की उच्च मात्रा भी शरीर के लिए फायदेमंद होती है.
5. जीरा को अनदेखा नहीं कर सकते
अगर आपको लगातार दस्त हो रहे हों तो एक चम्मच जीरा चबा लें. अमूमन सभी घरों में मिलने वाला ये मसाला दस्त में काफी फायदेमंद है. जीरा चबाकर पानी पी लेने से दस्त बहुत जल्दी रुक जाते हैं.
मातृ दुग्ध वर्धक
माताओं के दूध बढ़ाने हेतु
मातृ-दुग्ध वर्धक :- सफ़ेद जीरा , मिश्री और सौंफ समान मात्रा में मिलाकर रख लें । एक चम्मच की मात्रा मे दिन में तीन बार दूध के साथ लेने से माँ का दूध खूब बढ़ता है ।
सहायक उपचार :- माँ को यदि खून की कमी है तो दूध कम बनेगा इसके लिए डाल से टूटा हुआ एक पका पपीता 21 दिन रोजाना खाएं ।
- अंगूर या मुनक्का (१०-१२ नग ) :- प्रसव काल में अधिक रक्त बह गया हो तो अंगूर का सेवन तेजी से खून बढाता है यदि किसी कारण अंगूर ना मिल पाए तो मुनक्के के 10-12 नग दूध में उबालकर सेवन करें ।
- गाजर का रस और भोजन में कच्चा प्याज भी दूध को बढ़ाता है ।
- स्तनों पर दो तीन बार एरंड के तेल की मालिश करते रहने से दूध बढ़ता है ।
- शतावरी का चूर्ण 1 चम्मच दूध में देने से , माताओं के दूध में वृद्धि होती है । इसके अलावा दाल का पानी , दूध और कैल्शियम देने से कब्ज नाशक , सुपाच्य आहार लेने से अधिकतर शाक-सब्जी लेने से यह समस्या दूर हो जाती है ।
- प्रतिदिन गुड और अजवाइन के काढ़े से भी दूध उतरने लगता है ।
- कभी कभी प्रसव के बाद बच्चे के दूध ना पीने से या उपरी बाधाओं के कारण भी माताओं का दूध सूख जाता है ऐसी स्थति में दवा और दुआ दोनों की आवश्यकता होती है ।
भुना जीरा आधा चम्मच तथा देशी खांड़ दो चम्मच – दोनों को पीसकर दूध के साथ सेवन करें| शीघ्र ही स्तनों में अधिक दूध उतरने लगेगा|
250 ग्राम धुले तिल को कूट-पीसकर रख लें| इसमें से दो चम्मच सुबह तथा दो चम्मच शाम को दूध के साथ लें| इससे दूध की वृद्धि अवश्य होगी|
नीम की थोड़ी-सी छाल को पानी में उबालकर एक सप्ताह तक पिएं| स्तनों में दूध की वृद्धि अवश्य होगी|
नियमित रूप से चुकन्दर खाने से माता को अधिक मात्रा में दूध उतरने लगता है|
बवासीर, फिसर और मस्सा के इलाज
*बवासीर , फिसर , मस्सा*
👆🏽 बहुत ही आम लेकिन गंभीर समस्या जो की कई लोगों को है
तो भक्तों आइये हम बताते हैं आपको इससे निजात पाने का बेहद सरल उपाय जो की आप स्वयं यानी रोगी को स्वयं ही करना होता है यदी रोगी असक्षम है तो कोई और भी कर सकता है
👉🏽 मंत्र 👇🏽
*ऊँ छाई छुई छलक छलाई आहुम आहुम क्लं क्लां क्लीं हुं फट्*
👆🏽 इस मंत्र से पानी के लोटे को सात बार मंत्र बोलें और सात बार ही पानी पर फूंक मारने से पानी अभिमंत्रित हो जाएगा फिर ऐसा करके उस पानी से ही बवासीर को धोयें
पहले दिन से ही आराम मिलेगा
आप भी करें व जिन्हें बवासीर की तकलीफ़ हो उनको बताने की कृपा करें 👈🏽 ऐसा करने से आपको तकलीफ में आराम महसूस होगा और दूसरे को बताने से उसकी दुआऐं भी मिलेंगी ।।
हमारे द्वारा अनूभूत है ।। इसी मंत्र से करीब सात सौ से आठ सौ रोगीयों को आराम दिलवा चुके है ।। तो आप भी करें आराम जरूर मिलेगा ।।
और वेसे भी बवासीर के इस मंत्र के बारे में बुजुर्गों के द्वारा कहा गया है कि यदी आप बवासीर का यह मंत्र जानते हैं और यदि किसी को बवासीर की तकलीफ़ है और आप उसे नहीं बताते हैं तो पाप के भागी बनते हैं । चाहे आपका दुश्मन ही क्यों ना हो उसे भी बताना जरुर चाहिए । अतः आप ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करें और उनके आशीर्वाद प्राप्त करें व अपनी समस्या से निजात पायें ।।
जय महामांईं की भक्तों
Saturday, March 10, 2018
लहसुन को दूध में उबालकर पीने के फायदे
लहसुन को दूध में उबालकर पीने से जो हुआ वो बेहद चौंकाने वाला था
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के लिए एक औषद्यि की तरह मन गया है। इसमें विटामिन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व सी भी पाए जाते हैं। लहसुन शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। भोजन में लहसुन का किसी भी तरह से इस्तेमाल शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। दूध हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसे पीने से कई तरह की बीमारियां दूर होती है और हड्डियां मजबूत बनती है। लेकिन अगर हम दूध में लहसुन मिलाकर पीते है तो इसके फायदे कई गुना तक बढ़ जाते हैं।
आजकल लोगों के जीने का उपाय पहले की अपेक्षा बहुत बदल गया है। आज के समय में खान-पान में लापरवाही के कारण कमजोरी के साथ-साथ स्वास्थ्य सम्बन्धी व भी कई सारी समस्याएँ आने लगती है, आज हम आपको दूध के साथ लहसुन के सेवन से होने वाले 10 बड़े फ़ायदों के बारे में बताएँगे। आजकल ज़्यादातर लोगो के घुटनों में दर्द, सियाटिका की समस्या रहती है, कभी कभी तो ये दर्द इतना बढ़ जाता है की चलने फिरने में दिक्कत आने लगती है, कभी कभी तो इस दर्द के कारण घुटनो में सूजन की समस्या भी हो जाती है। पर आज हम आपको लहसुन और दूध का ऐसा तरीका बताने जा रहे है जिनके प्रयोग से घुटने का दर्द, सियाटिका अच्छा हो जाता है, यही नही इस उपाय से कोलेस्ट्रॉल, कब्ज, कमर दर्द निवारक, कैंसर, अपच, मुंहासों, हृदय धमनियों की ब्लॉकेज, और माइग्रेन आदि जैसी समस्याओं से ही निजात मिलती है।
लहसुन वाला दूध बनाने की विधि
इसके लिए आपको एक गिलास दूध में थोड़ा सा पानी और लहसुन पीसकर डाल देना है और रात को खाने के बाद सोने से पहले इस दूध को पीना है। इसे पीने से कौन-कौन से रोग ठीक होते हैं आइए जानते हैं।
दूध और लहसुन के 10 फायदे :
सियाटिका का दर्द : 4 लहसुन की कलियाँ और 200 ml दूध, सबसे पहले लहसुन को काट कर दूध में डाल दें। दूध को कुछ मिनट तक उबालें। उबालने के बाद इसे मीठा करने के लिए थोडा शहद मिला लें | इस दूध का रोजाना सेवन करें जब तक दर्द खत्म न हो जाये |
कोलेस्ट्रॉल : दूध और लहसुन का मिश्रण आपकी हृदय धमनियों की रूकावट यानि उसमें जमे हुए कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में मदद करता है और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या दूर होती है।
कब्ज : आयुर्वेद के अनुसार यह प्राकृतिक पेय दूध और लहसुन का मिश्रण आंतों को सक्रिय कर कब्ज की समस्या को दूर करता है और गुदा मार्ग को भी नर्म बनाता है।
अपच : दूध और लहसुन का यह मिश्रण पाचक रसों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है जिससे एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं में लाभ होता है।
जोड़ों का दर्द : इस दूध में शोथरोधी तत्व होते हैं, जिसके कारण यह जोड़ों के दर्द में विशेष रूप से फायदेमंद साबित होता है। अगर आपके घुटनों में दर्द की समस्या रहती है तो इसके लिए नियमित रूप से 1 गिलास दूध में 3-4 लहसून की कलियां डालकर उबाल कर पिए। इसे पीने से दर्द को राहत मिलती है।
माइग्रेन : माइग्रेन के मरीजों के लिए दूध और लहसुन का यह सम्मिश्रण बेहद लाभदायक है। यह सामान्य सिरदर्द से भी निजात दिलाने में मददगार है।
मुंहासों : मुंहासों की समस्या होने पर लहसुन वाला दूध पीना बहुत फायदेमंद होता है। रोज एक गिलास लहसुन वाला दूध पीने से मुंहासे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं।
हृदय धमनियों की ब्लॉकेज : दूध और लहसुन का यह मिश्रण हृदय धमनियों की रूकावट यानि उसमें जमे हुए ब्लॉकेज को खत्म कर देता है और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या दूर करता है।
कमर दर्द निवारक : जिन लोगों को कमर दर्द की समस्या है उनके लिए लहसुन वाला दूध फायदेमंद होता है। लहसुन दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
कैंसर : भविष्य में कैंसर ना हो उसके लिए दूध और लहसुन का यह मिश्रण बहुत फायदेमंद है। यह सामान्य त्वचा विकार भी तुरंत ठीक कर देता है।