माताओं के दूध बढ़ाने हेतु
मातृ-दुग्ध वर्धक :- सफ़ेद जीरा , मिश्री और सौंफ समान मात्रा में मिलाकर रख लें । एक चम्मच की मात्रा मे दिन में तीन बार दूध के साथ लेने से माँ का दूध खूब बढ़ता है ।
सहायक उपचार :- माँ को यदि खून की कमी है तो दूध कम बनेगा इसके लिए डाल से टूटा हुआ एक पका पपीता 21 दिन रोजाना खाएं ।
- अंगूर या मुनक्का (१०-१२ नग ) :- प्रसव काल में अधिक रक्त बह गया हो तो अंगूर का सेवन तेजी से खून बढाता है यदि किसी कारण अंगूर ना मिल पाए तो मुनक्के के 10-12 नग दूध में उबालकर सेवन करें ।
- गाजर का रस और भोजन में कच्चा प्याज भी दूध को बढ़ाता है ।
- स्तनों पर दो तीन बार एरंड के तेल की मालिश करते रहने से दूध बढ़ता है ।
- शतावरी का चूर्ण 1 चम्मच दूध में देने से , माताओं के दूध में वृद्धि होती है । इसके अलावा दाल का पानी , दूध और कैल्शियम देने से कब्ज नाशक , सुपाच्य आहार लेने से अधिकतर शाक-सब्जी लेने से यह समस्या दूर हो जाती है ।
- प्रतिदिन गुड और अजवाइन के काढ़े से भी दूध उतरने लगता है ।
- कभी कभी प्रसव के बाद बच्चे के दूध ना पीने से या उपरी बाधाओं के कारण भी माताओं का दूध सूख जाता है ऐसी स्थति में दवा और दुआ दोनों की आवश्यकता होती है ।
भुना जीरा आधा चम्मच तथा देशी खांड़ दो चम्मच – दोनों को पीसकर दूध के साथ सेवन करें| शीघ्र ही स्तनों में अधिक दूध उतरने लगेगा|
250 ग्राम धुले तिल को कूट-पीसकर रख लें| इसमें से दो चम्मच सुबह तथा दो चम्मच शाम को दूध के साथ लें| इससे दूध की वृद्धि अवश्य होगी|
नीम की थोड़ी-सी छाल को पानी में उबालकर एक सप्ताह तक पिएं| स्तनों में दूध की वृद्धि अवश्य होगी|
नियमित रूप से चुकन्दर खाने से माता को अधिक मात्रा में दूध उतरने लगता है|
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