Friday, March 25, 2016

अंगूर के फायदे

अंगूर प्राकृतिक फल है। यह हर तरह से आपके लिए फायदा करता है। अंगूर की कई तरह की प्रजातियां हैं। जैसे लंबे अंगूर, काले अंगूर, छोटे अंगूर आदि। इन्ही अंगूरों से किशमिश बनाई जाती है। अंगूर में कैलोरी, फाइबर के साथ-साथ विटामिन सी, ई और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अंगूर प्राकृति का एैसा फल है जिसमें हर तरह के उत्तम गुण हैं जो सेहत और उम्र को बढ़ाने में मददगार होते हैं। इस लेख के माध्यम से आपको अंगूर में छिपे सेहत के राज के बारे में बताया जाएगा जो कई रोगों को दूर करने में आपकी मदद करेगें।


अंगूर में ग्लूकोज, मेग्नीशियम और साइट्रिक आदि जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। अंगूर कई रोगों में लाभ देता है जैसे टी बी, कैंसर, रक्त विकार और पारिया जैसे रोगों का अंत करने में लाभदायक है। साथ ही अंगूर का प्रयोग बच्चे, युवा, कमजोर और गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदा करता है।

डायबिटीज
जिन लोगों को डायबिटीज है उनके लिए अंगूर सेवन करना हितकारी है। अंगूर शूगर की मात्रा को कम करता है। खून में मौजूद शूगर को नियंत्रित करने में अंगूर अहम भूमिका निभाता है। 
अंगूर खून की कमी और आयरन की कमी को दूर करता है।

 माइग्रेन

जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है वे सुबह उठकर अंगूर का रस पीयें। एैसा कुछ दिनों तक करने से माइग्रेन की समस्या से निजात मिल सकता है।

 ब्रेस्ट कैंसर

हाल ही में हुए नये शोध में यह बात सामने आई है कि ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में अंगूर सेवन एक कारगर उपाय है। साथ ही हर्ट अटैक के रोग से बचने के लिए काले अंगूर का जूस पीने से लाभ मिलता है। काले अंगूर का रस खून के थक्कों को बनने से रोक देता है।
अंगूर का रस पीने से दिल में हो रहे दर्द में आराम मिलता है।

 कब्ज और भूख 

कब्ज को खत्म करने के लिए काली मिर्च और नमक को अंगूर में डालकर सेवन करना चाहिए।
भूख बढ़ाने में भी अंगूर एक कारगर नुस्खा है। विटामिन ए की भरपूर मात्रा होने पर यह भूख को बढ़ाने में मदद करता है।

 खून की कमी                        READ : बादाम के फायदे - पुरूषों के लिये

खून की कमी को दूर करने के लिए एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकार पीने से खून की कमी पूरी हो जाती है।
अंगूर हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है। इसलिए अंगूर का एक गिलास जूस अवश्य पीयें।

 याददास्त

याददास्त को बढ़ाने के लिए अंगूर के रस की 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को पानी के साथ मिलाकर, खाना खाने के बाद लें। यह आपकी कमजोर याद शक्ति को बढ़ाएगा।

 रक्त स्त्राव

शरीर से खून निकलने से या रक्त स्त्राव होने पर शहद के दो चम्मच एक गिलास अंगूर के  जूस में मिलाकर पीएं। यह रक्त स्त्राव की वजह से हुई खून कमी को दूर करता है।

इनफेक्शन                                   

नियमित रूप से अंगूर का जूस पीने से शरीर की अल्जाइमर और वाइरल जैसे इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।

फोड़े-फुंसी

त्वचा संबंधित समस्याओं जैसे मुंहासे, फोड व फुंसी आदि को सुखाने का काम करता है अंगूर।

उल्टी होने पर

उल्टी की समस्या हो या जी मिचला रहा हो ऐसे में काली मिर्च और थोड़ा सा नमक को अंगूर के रस में मिलाकर पींए। 

बालों और आंखों को भी स्वस्थ रखता है अंगूर का सेवन।

मुंह के छाले

अंगूर मुंह के छालों से भी मुक्ति दिलता है। अंगूर के रस से कुल्ला करने से मुंह से संबंधित रोग जैसे घाव और छाले दूर हो जाते हैं।

 अंगूर वैदिक दृष्टि से अनोखा फल है। इसलिए अंगूर को किसी न किसी रूप में अपने भोजन में शामिल करें। अंगूर आपको हमेंशा रोगमुक्त रखेगा साथ कई तरह की समस्याओं से भी निजात

Thursday, March 13, 2014

गाय के लिए एंटीवायरस

अहमदाबाद एल डी इंजीनियरिंग कॉलेज के ध्रुव पटेल को जिन्होंने हाल ही में भारतीय पशुपालन को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा केमिकल इंजेक्शन तेयार किया है जो पशुओ के लिए एक anti virus का काम करेगा । इस केमिकल इंजेक्शन को तेयार करने में 1 से 2 साल का समय लगा है । यह इंजेक्शन किसी पशु को लगाने के बाद 3 साल तक दूसरा इंजेक्शन लगाने की जरुरत नहीं पड़ती । इस इंजेक्शन की कीमत 100 रूपये से 150 रुपये के आस पास होगी ।
ध्रुव पटेल का कहना है की इस इंजेक्शन की एक विशेषता यह है की यह इंजेक्शन किसी पशु को कोई नुक्सान नहीं पहुचाता और ना ही किसी पशु की कोई उम्र कम करता है । लेकिन अगर वो पशु मर जाता है या मार दिया जाता है तो उसका मॉस जहर बन जाता है जो मॉस खाने वाले इंसान को सिर्फ 4 घंटे में ही ख़त्म कर देता है ।
वैज्ञानिक तेज सिंह जी का कहना है की यह इंजेक्शन गौशाला वालो को फ्री में दिया जायेगा।
ताकि गौमाता पर जो अत्याचार हो रहे है उनके लिए रामबाण सिद्ध होगा । इसके लिए गौशाला वालो को अपना पता register करवाना होगा । ताकि सभी गौशाला वालो और किसानो को लाभ मिल सके । रजिस्टर करवाने के लिए मेल करे ।
ldceahmd@gmail.com पर ....
इस मेसेज को आगे शेयर करे ताकि हर गौशाला वाले इसका लाभ उठा सके ।। 
जय गौ माता की । जय सावरिया श्याम की ।

Monday, December 2, 2013

पूरी जगन्नाथ के 8 अजूबे

पुरी में जगन्नाथ मंदिर के 8 अजूबे इस
प्रकार है।
1.मन्दिर के ऊपर झंडा हमेशा हवा के विपरीत दिशा में लहराते हुए।
2.पुरी में किसी भी जगह से आप मन्दिर के ऊपर लगे सुदर्शन चक्र को देखेगे तो वह आपको सामने ही लगा दिखेगा।
3.सामान्य दिन के समय हवा समुद्र से जमीन की तरफ आती है, और शाम के दौरान इसके विपरीत, लेकिन पूरी में इसका उल्टा होता है.     
4.पक्षी या विमानों मंदिर के ऊपर उड़ते हुए नहीं पायेगें।   
5.मुख्य गुंबद की छाया दिन के किसी भी समय अदृश्य है.
6.मंदिर के अंदर पकाने के लिए भोजन की मात्रा पूरे वर्ष के लिए रहती है। प्रसाद की एक भी मात्रा कभी भी यह व्यर्थ नहीं जाएगी, चाहे कुछ हजार लोगों से 20 लाख लोगों को खिला सकते हैं.
7. मंदिर में रसोई (प्रसाद)पकाने के लिए बर्तन एक दूसरे पर रखा जाता है और लकड़ी पर पकाया जाता है. इस प्रक्रिया में शीर्ष बर्तन में सामग्री पहले पकती है फिर क्रमश: नीचे की तरफ एक के बाद एक पकते जाती है।.
8. मन्दिर के सिंहद्वार में पहला कदम प्रवेश करने पर (मंदिर के अंदर से) आप सागर द्वारा निर्मित किसी भी ध्वनि नहीं सुन सकते. आप (मंदिर के बाहर से) एक ही कदम को पार करें जब आप इसे सुन सकते हैं. इसे शाम को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। साथ में यह भी जाने:-
मन्दिर का रसोई घर दुनिया का सबसे बड़ा रसोइ घर है। प्रति दिन सांयकाल मन्दिर के ऊपर लगी ध्वजा को मानव द्वारा उल्टा चढ़
कर बदला जाता है। मन्दिर का क्षेत्रफल चार लाख वर्ग फिट में है। मन्दिर की ऊंचाई 214 फिट है। विशाल रसोई घर में भगवान जगन्नाथ को चढ़ाने वाले महाप्रसाद को बनाने 500 रसोईये एवं 300 उनके सहयोगी काम करते है।

Thursday, November 28, 2013

बच्चो के पेट के कीड़े

अगर बच्चा रात को दांत किटकिटाए तो इसका कारण पेट में कीडे होना है पेट में कीड़ों के कारण बच्चे के पेट में दर्द होता है। कभी बच्चे की भूख मर जाती है तो कभी उसका पेट साफ नहीं होता। कभी-सभी सर्दी, पेट दर्द होना, बुखार और टांसिल्स की शिकायत भी हो जाती है। ये जीव अपनी संख्या में वृद्धि कर हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार ये परजीवी गोलकृमी,फीता कृमी,पिनकृमी आदि नामों से जाने जाते हैं। इनमें कुछ हेल्मिन्थवर्ग के जीव हैं। जो धीरे-धीरे अपनी संख्या को बढाते हैं। कुछ सूक्ष्म जीव अमीबा। जैसे होते हैं जो शरीर में सहजीवी के रूप में रहते हैं तथा शरीर में पाचन सहित मल निर्माण क़ी प्रक्रिया में भी भाग लेते है। ये गुदा के अन्दर और मलद्वार पर काटते हैं जिससे बच्चा रोता है। विशेष रूप से यह तकलीफ रात को होती है जिस कारण बच्चा सो नहीं पाता। यदि बच्चा सोते समय दांत पीसे या किटकिटाए या शक्कर या गुड़ जैसे मीठे पदार्थ बहुत अधिक खाये, नामक और गुदा खुजाए, पेट के बल सोए, उसका हाजमा खराब हो, उसके मुंह सांस से दुर्गन्ध आये तो समझना चाहिए कि ेट में थ्रेड वर्म है।
आइए जानते है इनके आसान और कारगर ईलाज:
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अजवायन का चूर्ण बनाकर आधा ग्राम लेकर समभग गुड में गोली बनाकर दिन में तीन बार खिलाने से सभी प्रकार के पेट के कीडे नष्ट होते है।
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सुबह उठते ही बच्चे दस ग्राम (और बडे २५ ग्राम) गुड खाकर दस - पन्द्रह मिनट आराम करें। इससे आंतों में चिपके सब कीडे निकलकर एक जगह जमा हो जायेंगे। फिर बच्चे आधा ग्राम (और बडे एक - दो ग्राम) अजवायन का चुर्ण बासी पानी के साथ खायें। इससे आंतों में मौजूद सब प्रकार के कीडे एकदम नष्ट होकर मल के साथ शीघ्र ही बाहर निकल जाते हैं।
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अजवायन चूर्ण आधा ग्राम में चुटकी भर काला नमक मिलाकर रात्रि के समय रोजाना गर्म जल से देने से बालकों के कीडे नष्ट होते हैं। बडे अजवायन के चुर्ण चार भाग में काला नमक एक भाग मिलाकर दो ग्राम की मात्रा से गर्म पानी के साथ लें।
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अजवायन का चूर्ण आधा ग्राम, साठ ग्राम मट्ठे या छाछ के साथ और बडो को दो ग्राम १२५ ग्राम मट्ठे के साथ देने से पेट के कीडे नष्ट होकर मल के साथ बाहर निकल जाते है।
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थायमल (अजवायन का सत) रात को खाली कैपसूल में डालकर पानी के साथ लेने से भी कृमियों से छुटकारा मिलता है। पीपलमूल के चूर्ण की लगभग 3 ग्राम मात्रा रात को सोते समय गोमूत्र के साथ लेने से भी लाभ होता है। कड़वी तुंबी के बीजों के बारीक पिसे चूर्ण की दो ग्राम मात्रा सुबह छाछ के साथ देने से भी अमाशय के कृमि नष्ट हो जाते हैं।
खजूर के पत्तों को उबालकर, काढ़ा बनाकर 24 घंटे रखकर बासी करके पीने से भी लाभ होता है। कृमि नष्ट करने के लिए वायविडंग के बारीक पिसे चूर्ण की 60 ग्राम मात्रा 250 ग्राम शहद में मिलाकर रखें इस मिश्रण की 1 या 2 चम्मच मात्रा सुबह चाट लें और फिर पानी से कुल्ले करके मुंह साफ कर लें।
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सुबह आनार का रस थोडी मात्रा में दे इससे कीडे कम होते है
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प्याज का थोडा सा रस पीलाने से कीडे ठीक हो जाते है
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बच्चे को दूध और मीठा पीलाए इससे कीडे बढते है
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कृमि चिकित्सा के लिए कृमि कुठार रस की एकएक रत्ती वजन की एकएक गोली सुबहशाम शहद के साथ तीन दिन देकर चौथे दिन एक चम्मच कैस्टर आयल (अरण्डी का तेल) दूध में मिलाकर दें। इससे लाभ होता है। भोजन के बाद बच्चों को एकएक चम्मच विडंगारिष्ट पानी में मिलाकर देने से भी लाभ होता है। वयस्कों को विडंगारिष्ट की दोदो चम्मच मात्रा का सेवन करना चाहिए।