Wednesday, May 24, 2017
श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया)
Friday, May 19, 2017
शुगर रोग कम और षड्यंत्र ज्यादा है
Actually Diabetes कैसे Count करनी चाहिए ?
कैसे पता चलेगा कि आप Diabetes हैं या नहीं ?
घरेलू गर्भनिरोधक उपाय
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महिला संजीवनी
गुरुवेंद्र सिंह शाक्य
जिला -एटा , उत्तर प्रदेश
9466623519
संजीवनी परिवार
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Tuesday, May 16, 2017
पैर छूने का भारतीय रिवाज़
अपने गुरुजन बड़े बूढों और माता पिता का पैर छूना (Feet-touching) एक ऐसा ही संस्कार है. आजकल लोग इस संस्कार का महत्व नहीं समझने की वजह से इसे नहीं करते या व्यर्थ की खानापूर्ति मान लेते है.
बच्चे के पेट मे कीड़े होने पर
*✨✨ बच्चे के पेट में कीड़े होने पर✨✨*
*🅰१ केले की जड़ को सुखा कर चूर्णं बना लें। फिर २ ग्राम चूर्णं को
पानी के साथ बच्चे को खिलाएं। ऐसा करने से बच्चे के पेट में मौजूद
कीड़े बाहर निकल जाएंगें।*
*💲२ बच्चे को काले जीरे (स्याह जीरा) का पाउडर शहद में मिलाकर चटाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।*
*♓३ सौंफ का पाउडर कपड़े से छानकर एक बटा १/४ टेबलस्पून शहद के साथ सुबह शाम चटाएं। बच्चे को आराम मिलेगा।*
*♈४ आप बच्चे को अजवायन के तीन – चार दाने के साथ बच्चे को
पान खिलाएं। इससे पेट के कीड़े मरने लगते हैं।*
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Monday, May 15, 2017
स्त्री स्वस्थ्य का सम्पूर्ण विश्लेषण
Ladies Health स्त्री स्वस्थ्य का सम्पूर्ण विश्लेषण
🅰स्त्री-स्वास्थ्य और आयुर्वेद का बहुत गहरा सम्बन्ध रहा है । और हो भी सकता है अगर आधुनिक नारियां इसे गंभीरता से लें । आज कल 99% नारियां बीमार नज़र आ रही हैं और इसके कारण भी बहुत रोचक है।
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💲पुराने वक्त में बुखार, हरारत, सर्दी, खांसी जैसी छोटी-छोटी बीमारियों के लिए अजवाईन का काढा दे दिया जाता था । लोग आराम से पी भी लेते थे नतीजा यहथा की लोग लम्बे समय तक शारीरिक क्षमता के अत्यधिक उपयोग के साथ जी भी लेते थे ।
♓किन्तु आज …… आज किसी महिला को आप अजवाइन फांकने को या काढा पीने को कहिये तो वह मुंह बना लेती हैं।
♈अधिकाँश को तो उलटी होने लगेगी या उबकाई आ जाएगी। वे कहती हैं कि कोई टैबलेट या गोली दे दीजिये खा लेंगे। इन्हीं गोलियों और टैबलेट ने आज की बीमार नारियों को पैदा किया है । जहाँ पहले की महिलायें संयुक्त परिवार में रहकर ढेर सारे काम घर के भी, खेती के भी बिना थके कर लेती थी । वही आज सिर्फ अपने पति और बच्चे के साथ रहने वाली महिला थोड़ा सा काम करके ही थक जाती हैं और आये दिन बीमार रहती है ।
♊तमाम शोधों से यह बात तो सामने आ ही चुकी है कि दर्द निवारक गोलियां या अंग्रेजी दवाएँ साइड इफ़ेक्ट जरूर पैदा करती है । ये इफ़ेक्ट जहाँ शरीरकी प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं वहीँ पाचन तंत्र पर भी बुरा प्रभाव डालते हैं । फिर अगर पेट ही बीमार हो तो सारे शरीर को बीमार होना ही है । इसबात को स्त्रियों को समझना होगी और उन्हें फिर से अपने घर की रसोई में मौजूद आयुर्वेदिक दवाओं की तरफ लौटना होगा ।
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🌵यदि आपको बुखार हो या थकान या हरारत या हल्का सर दर्द महसूस हो तो 5 ग्राम अजवाइन सादे पानी से फांक लीजिये । अजवाइन बुखार को शरीर में रहने नहींदेती और दर्द को जड़ से ख़त्म कर देती है जबकि कोई भी दर्द निवारक गोली सिर्फ दर्द को दबाती है जो शरीर के किसी और भाग में उभर कर सामने आता है ।
🌵गर्भवती स्त्रियाँ यदि साढ़े आठ महीने बाद 3 ग्राम हल्दी दिन में एक बार पानी से फांक लें तो 100% सामान्य प्रसव होगा । किसीआपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
🌵बच्चा पैदा होने के 5-6 दिन बाद मंगरैल का काढा जरूर 3-4 दिनों तक पिये । इससे सबसे बड़ा फायदा यहहोगा कीपेट बाहर नहीं निकलेगा,वरना 90% महिलायें यही बताती है कि बच्चा होने के बाद पेट निकलना शुरू हुआ ।
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🌵बच्चा होने के बाद शरीर की मालिश बेहद जरुरी है और हल्दी के लड्डू खाने जरुरी है जो शरीर को नव जीवन तो देते ही हैं ज्वाइंट के रोग नहीं होने देते और ब्रेस्ट कैंसर और स्किन कैंसर से बचाते है ।
🌵सभी महिलाओं को बचपन से ही पानी ज्यादा पीने की आदत डालनी चाहिए। ये पानी आपके शरीर को तमाम बीमारियों से दूर जरूर रखता है । पथरी, बवासीर, कब्ज, गैस, मोटापा, जोड़ो का दर्द, इतनी सारी बीमारियाँ ये अकेला पानी ही नहीं होने देता ।
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*🌸ल्यूकोरिया या श्वेत-प्रदर*की बीमारी शरीर को पूरीतरह खोखला कर देती है । किसी काम में मन नहीं लगता, कमर-दर्द, चेहरा निस्तेज हो जाना, हर वक्त बुखार सारहना, ये सब ल्यूकोरिया के लगातार रहने की वजह से पैदा हो जाते है । किसी भी उम्र की महिला को सफ़ेद पानी गिरने की शिकायत हो रही है तो 2 केले, दो चम्मच देशी घी और आधा चम्मच शहद में मसल कर चटनी बना ले व एक महीने तक लगातार रोज खाएं ।
*🌸चेहरे पर दाग-धब्बे, झाइया*ं हो जाएँ तो दो चम्मच मंगरैल को सिरके में पीस कर पेस्ट बनाएं और रोज रात में लगाकर सो जाएँ । 20-25दिन में चेहरा साफ़हो जायेगा । कास्मेटिक्स के ज्यादा प्रयोग से चेहरे पर झुर्रियां जल्दी आ जाती हैं और चेहरे की ताजगी खत्म हो जाती है ।
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🌸चेहरे पर कभी खीरे का रस लगाकर सो जाएँ, कभी टमाटर का रस, तो कभी हल्दी और बेसन का पेस्ट तो कभी फिटकरी के पानी से धो कर सोयें। ये ही सबसे अच्छे कास्मेटिक्स है ।
🌸बच्चे न होने के लिए खाई जाने वाली कन्ट्रासेप्टिव पिल्स
आपको बाँझ भी बना सकती है । सेक्स के प्रति रूचि भी ख़त्म कर सकती है और गर्भाशय से सम्बंधित कुछ और बीमारियाँ भी पैदा कर सकती है । जबकि सबसे अच्छी पिल्स तो आपकी रसोई में ही मौजूद है जिस दिन पीरियड ख़त्म हो उसी दिनएक अरंडी का बीजपानी से निगल लीजिये। पूरे महीने बच्चा नहीं रुकेगा ।
🌸या एक लौंग पानी से निगल लीजिये यह भी महीने भर आपको सुरक्षित रखेगी।
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🌸कोलेस्ट्राल बढ़ रहा हो तो रोज एक चम्मच मेथी का पाउडर पानी से निगल लीजिये ( सुबह सवेरे खाली पेट)।
🌸खून साफ़ रखने, प्रतिरोधक क्षमता बढाने और स्किन को जवान रखने के लिएआप एक चम्मच हल्दी का पाउडर ( लगभग ३-४ ग्राम) पानी से सुबह सवेरे निगल लीजिये, यहगले की भी सारी बीमारियाँ दूर कर देती है- टांसिल्स, छाले, कफ, आदि ख्त्म।आवाज भी सुरीलीहो जायेगी।
🌸खुद को फिट रखने का सही तरीका ये होगा की एक महीना हल्दी का पाउडर निगलिये,
एक महीना मेथी का पाउडर, एक महीने तक सवेरे नीम की 10 पत्तियां चबा लीजिये,
एक महीना तुलसी की 10 पत्तियाँ 10 दाने काली मिर्च के साथ चबाएं ।
फिर एक महीना सुबह सवेरे 100 ग्राम गुड का शरबत पीयें। एक महीना कुछ मत लीजिये । फिर अगले महीने से यही रुटीन शुरू कीजिए, आपको आपके बाल सुन्दर, चेहरा सुन्दर, स्किन सुन्दर,शरीर में भी अजीब सी ताजगी और क्या क्या चमत्कार दिखाई देगा, ये खुद ही जान जायेंगी।
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🌸खुद को प्रकृति के नजदीक रखिये और स्वस्थ रहिये ।
🌸कभी आपको डाक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
शरीर पर किसी भी तरह का घाव, बहुत गंभीर चोट, गैंग्रीन (अंग का सड जाना), ओस्टोमएलइटिस (अस्थिमज्जा का प्रदाह), गीला एक्जीमा, मधुमेह का घाव, एक्सीडेन्ट का घाव की चिकित्सा
शरीर पर किसी भी तरह का घाव, बहुत गंभीर चोट, गैंग्रीन (अंग का सड जाना), ओस्टोमएलइटिस (अस्थिमज्जा का प्रदाह), गीला एक्जीमा, मधुमेह का घाव, एक्सीडेन्ट का घाव की चिकित्सा
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🅰कुछ चोट लग जाती है, और कुछ छोटे बहुत गंभीर हो जाती है। जैसे कोई डाईबेटिक पेशेंट है चोट लग गयी तो उसका सारा दुनिया जहां एक ही जगह है, क्योंकि जल्दी ठीक ही नही होता है। और उसके लिए कितना भी चेष्टा करे डाक्टर हर बार उसको सफलता नही मिलता है। और अंत में वो चोट धीरे धीरे गैंग्रीन (अंग का सड जाना) में कन्वर्ट हो जाती है।
💲ऐसी परिस्थिति में एक औषधि है जो गैंग्रीन को भी ठीक करती है और ओस्टोमएलइटिस (अस्थिमज्जा का प्रदाह) को भी ठीक करती है। गैंग्रीन माने अंग का सड जाना, जहाँ पर नए कोशिका विकसित नही होते। ना तो मांसमें और ना ही हड्डी में और सब पुराने कोशिका मरते चले जाते हैं और वो ऐसा सडता है के डाक्टर कहता है की इसको काट के ही निकालना है और कोई दूसरा उपाय नही है।।
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♓ऐसे परिस्तिथि में जहां शरीर का कोई अंग काटना पड जाता हो या पडने की संभावना हो, घाव बहुत हो गया हो उसके लिए आप एक औषधि अपने घर में तैयार कर सकते है।
*♈👉🏼औषधि :*
♊देशी गाय का मूत्र (सूती कपडे के 8 परत कपडो में छान कर), हल्दी और गेंदे का फूल। गेंदे के फूल की पीला या नारंगी पंखुरियाँ निकालना है,फिर उसमे हल्दी डालकर गाय का मूत्र डालकर उसकी चटनी बनानी है। अब चोट कितना बडा है उसकी साइज के हिसाब से गेंदे के फूल की संख्या तय होगी, माने चोट छोटा है तो एक फूल, बडा है तो दो,तीन, चार अनुमान से लेना है। इसकी चटनी बनाकर इस चटनी को लगाना है जहाँ पर भी बाहर से खुली हुई चोट है जिससे खून निकल रहा है और ठीक नही हो रहा।
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♑इसको दिन में कम से कम दो बार लगाना है जैसे सुबह लगाकर उसके ऊपर रुई पट्टी बांध दीजिये ताकि उसका असर बाँडी पर रहे और शाम को जब दुबारा लगायेंगे तो पहले वाला धोना पडेगा, इसको गोमूत्र से ही धोना है डेटोल जैसो का प्रयोग मत करिए, गाय के मूत्र को डेटोल की तरह प्रयोग करे। धोने के बाद फिर से चटनी लगा दे। फिर अगले दिन सुबह कर दीजिये।
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🅰यह इतना प्रभावशाली है के आप सोच नही सकते, चमत्कार जैसा लगेगा। इस औषधि को हमेशा ताजा बनाकर लगाना है। किसी का भी घाव किसी भी औषधि से ठीक नही हो रहा है तो ये लगाइए।
💲जो सोराइसिस गिला है जिसमे खून भी निकलता है, पस भी निकलता है उसको यह औषधि पूर्णरूप से ठीक कर देता है।
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♓प्राय: यह एक्सीडेंट के केस में खूब प्रयोग होता है क्योंकि ये लगाते ही खून बंद हो जाता है। आपरेशन का कोई भी घाव के लिए भी यह सबसे अच्छा औषधि है।
♈ गीला एक्जीमा में यह औषधि बहुत काम करता है,
♊जले हुए घाव में भी काम करता है।