Sunday, April 15, 2018

त्वचा रोग

*त्वचा का कालापन दूर करने का घरेलू उपचार*---
एक बाल्टी ठंडे जल में दो नींबू का रस मिलाकर गर्मियों में निरन्तर कुछ मास स्नान करें । शीतकाल में हल्के गर्म पानी में नींबू निचोडकर स्नान कर सकते हैं । नींबू मिश्रित जल से स्नान करने से रोम-छिद्र स्वतः ही खुल जाते है और त्वचा का रंग गोरा होने लगता है।
इमली 60ग्राम लेकर 250ग्राम पानी में फूलने दे।उसे मसल मथकर चटनी के समान बना लें । इसे शरीर की त्वचा पर मलकर दस पन्द्रह मिनट बाद स्नान किया जाय तो कुछ ही दिनों में काला व्यक्ति गोरा होने लगता है तथा झांई, दाग, पित्ती आदि से छुटकारा मिल जाता है । गर्मियों के मौसम में सप्ताह में दो बार आवश्यकतानुसार तीन-चार सप्ताह तक यह प्रयोग कर सकते है
                      

विटामिन सी

विटामिन सी (Vitamin C)

विटामिन सी एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत है. जिसका प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है. इसे आप आसानी से पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं. इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड यूरिक एसिड के लेवल को नियंत्रण में रखता है.

सेब (Apple)

सेब में मेलिक एसिड मौजूड होता है, यह यूरिक एसिड के स्ट्रा को कंट्रोल में करता है और दर्द को भी कम करने में मदद करता है. ऐसे लोग जिनका यूरिक एसिड उच्च रहता है उन्हें रोजाना एक सेब नियमित रूप से खाना चाहिये.

बेरियाँ (Berries)

बेरियों में ब्लूबेरी, क्रेनबेरी के अलावा रंगीन और गहरे रंग की बेरीज का प्रयोग करना चाहिए. इनमें अतिरिक्त कैलोरी भी नहीं होती जिससे आप रोजाना इसे शाम के स्नैक्स के समय सेवन कर सकते हैं.

सब्जियां (Vegetables)

अगर आप बहुत अधिक फलों का सेवन करना नहीं चाहते ह=तो सब्जियों में भी अनेक विकल्प मौजूद हैं जिनका प्रयोग खान ए और जूस आदि के रूप में भी किया जा सकता है. अनेक तरह की हरी सब्जियां यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रण में रखने में सहयोग देती है. अपने लिए उचित सब्जी का चुनाव आप अपने चिकित्सक की सलाह से भी ले

किसी भी शारीरिक परेशानी को दूर करने का सबसे पहला उपाय पानी है. पानी पीना सेहत के लिए ज़रूरी है और इसकी सही और अधिकतम मात्रा का सेवन किया जाना और भी बेहतर होता है. हनिकारक एसिड तत्व को पेशाब द्वारा शरीर से बाहर निकालने में पानी का ख़ास योगदान है, इसीलिए जितना हो सके उतनी मात्रा में पानी पियें.

पानी के अलावा पानी से भरपूर फलों और सब्जियों का भी सेवन किया जा सकता है जिसमें टमाटर, तरबूज, खीरा आदि प्रमुख हैं. इन सब्जियों में एल्केलाइन होता है जो यूरिक एसिड को कम करता है. यूरिक एसिड को कम करने के लिए चाय या काफी का प्रयोग बिल्कुल कम कर दें, इसमें मौजूद कैफीन की मात्रा नुकसानदायक होती है.

टॉन्सिल

Best home remedies for tonsillitis – टॉन्सिल के घरेलू उपाय

टॉन्सिल गले के दोनों ओर स्थित लिम्फेटिक टिश्यु या ऊत्तक होते हैं. ये ऊत्तक बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़कर सुरक्षा का कार्य करते हैं. ये  उन बैक्टीरिया और वायरस को अपने में अवशोषित करते हैं जो शरीर के किसी अंग या भीतरी हिस्से को क्षति पहुंचा सकते हैं. टोंसिलाइटिस होने पर सूजन और दर्द का अनुभव होता है. यह खासकर बदलते हुए मौसम में बच्चों को प्रभावित करता है. यह अवस्था तब दिखाई देती है जब टोंसिल कीटाणुओं या बैक्टीरिया का सामना नहीं कर पाते और उनमें परिणामस्वरूप सूजन हो जाती है.

टोंसिलाइटिस के लक्षण और जांच
(Tonsillitis test or diagnosis)

टोंसिलाइटिस की अवस्था में सूखा बलगम, उच्च शरीर  ताप या ज्वर के साथ कंपकपी होती है. सांसों में दुर्गन्ध भी इसका एक खास लक्षण है. शुरूआती दिनों में सूजन और लालिमा मुंह और जीभ में भी दिखाई देती है. टोंसिलाइटिस 12 से 13 दिनों तक प्रभवे रहता है और इसके दोबारा लौटने की संभावना भी हो सकती है. ठंडे या मौसम के बदलने के दौरान यह फिर अपना प्रभाव दिखा सकता है. इसमें गले में सूजन के साथ साथ जीभ कठोर और स्वाद खराब होने का अनुभव भी होता है.

अगर रोगी डॉक्टर के पास जाये तो उसे गले में एक तरह की पट्टी लगा कर टेस्ट के लिए भेजा जाता है.

बैक्टीरिया और वायरस का सामना करने की वजह से यह समस्या गले को प्रभावित करती है. जब टोंसिल वायरस का सामना कर उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते तो यह प्रभावित होकर सूज जाते हैं. इस रोग में बात करने में परेशानी होती है. यह स्थिति गले में दर्द से भी बदतर होती है जिसमें मुंह की लार को निगलना भी तकलीफदेह होता है. टोंसिल का प्रमुख लक्षण गले में अचानक सूजन और दर्द है.
[14/04 10:08 pm] ‪+91 99889 91397‬: टोंसिल के रोगी को ठन्डे मौसम और ठन्डे पदार्थों के सेवन में अत्यधिक तकलीफ महसूस होती है. अगर रोग नया हो तो इसमें सुधार किया जा सकता है लेकिन पुराने टोंसिल के रोग में मरीज की हालत बहुत खराब हो जाती है. इस समय किसी भी तरह का ठंडा पदार्थ खाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

टोंसिल में गले के साथ साथ दर्द कान के हिस्से तक पहुँच जाता है और साथ ही दिन में सिर दर्द की समस्या भी हो सकती है. लार या भोजन को निगलना बहुत कठिन होता है. भूख में भी कमी आ जाती है. मरीज को बोलने में तकलीफ होने के साथ ज्वर भी बना रहता है.

घर या रसोई में कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो टोंसिल के घरेलू इलाज या उपाय के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. ये चीजें संक्रमण को दूर करने में उपयोगी हैं.

गर्म पानी (Warm water)

गर्म पानी दर्द और सूजन में आराम देता है. दिन में 2 से 3 बार गर्म पानी में गरारा करने से सूजन में कमी आती है और दर्द में भी राहत मिलती है.

हल्दी (Turmeric)

हल्दी में दर्दनिवारक गुण होते हैं. हल्दी का प्रयोग गर्म पानी में मिलाकर गरारे के रूप में किया जा सकता है. इसके अलावा हल्दी का एक और प्रयोग भी है. गर्म पानी में हल्दी, काला नमक और काली मिर्च मिलाकर उबालें. इस पानी का प्रयोग गरारे के रूप में दिन में एक बार करें. रात को सोने के पहले इस प्रयोग को करना अधिक लाभदायक होता है.

काली मिर्च (Black pepper)

काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से युक्त एक औषधि है. यह दर्द को भी कम करने में मदद करता है. काली मिर्च का पाउडर दिन में 3 से 4 बार विभिन्न तरीकों से सेवन किया जाना लाभदायक है.

तुलसी अदरक की चाय (Basil ginger tea)

अदरक, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी के उबालकर काढ़ा बना लें. इसे ठंडा करके रखें. रात को सोने से पहले इसे दूध में मिलाकर पी लें.

हृदय रोग

*सफल सिद्ध नुस्खे*---
*ह्रदय रोग*--अश्वगंधा, निर्गुण्डी, गिलोय, अर्जुन छाल, वायविडंग, आंवला, हरड, बहेडा, कालीमिर्च, पीपर, सोंठ--सभी द्रव्यों का घनसत्व बनाकर एक सार कर लें । इसकी 1-1 ग्राम मात्रा शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करें।यदि स्वस्थ व्यक्ति भी इस नुस्खे का सेवन वर्ष में एक महिने भर के लिए कर लें तो ह्रदय रोग की सम्भावना लगभग नगण्य हो सकती है ।
                  

वजन बढ़ाना

*वजन बढ़ाने के लिए सरल घरेलू इलाज*---
  *केला*  एक नग
  *चीनी*  दो चम्मच
   *दूध*   एक कप
    *किशमिश*  दो बड़ा चम्मच
*विधी*--केला पीसकर उसमें चीनी, दूध और किशमिश मिला दें। सुबह नाश्ते के थोड़ी देर बाद इसे पीएं ।वजन बढ़ाने के लिए इसको एक महिने तक लगातार लें । एक सप्ताह में ही फर्क महसूस होने लगेगा ।
                  

बाल तोड़

थोड़े तुलसी के पत्ते और उतनी ही मात्रा में पीपल की कोपल ले और उन्हें पीस कर चटनी बना कर लगा ले और सूखने दे बस इसका असर इतना तीव्र है की अगर बालतोड़ पक भी गया हो बस फूटा न हो तो 24 घंटे में आप ये प्रयोग 4 बार दोहरा दे तो वहाँ आपको निशान तक नही मिलेगा सिर्फ 24 घंटे में ही

कमर दर्द की परेशानी

कमर दर्द की आजकल काफी लोगों को शिकायत रहती है
महिलाओं को श्वेत प्रदर या मासिक धर्म की गडबडी के कारण तथा पुरुषों मे अधिक परिश्रम करने या वायुप्रकोप या ढंग उठना बैठना और सोने से ये रोग होता है

उपचार
1:- सुबह खाली पेट अखरोट खाने से आराम मिलता है

2:- गौखरू और सोंठ को 1/2, 1/2 चम्मच मात्रा में मिलाकर काढा बनाये उसमे मिश्री मिलाकर पीये

3:- तारपीन के तेल से मालिश करने से भी आराम मिलता है

4:- सरसों के तेल में सोंठ डालकर गर्म करें फिर मालिश करें

5:- सौंठ +हरड़ +गिलोय को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना से ले सुबह श्याम आधा चम्मच ले

6:- अरंड के पत्तों पर जरा सा सरसों का तेल लगाकर हल्का गर्म करें और कमर पर बाधे
ये सबसे कारगार उपाय है

7:- मुंडी +सौंठ+काली मिर्च +भूनी हुई हल्दी+रासना
को बराबर मात्रा में ले चूर्ण बनाये और एक चम्मच चूर्ण गरम पानी से लें

8:- सौंठ +शैधा नमक +काली मिर्च +बायबिडंग
सबको बराबर मात्रा में मिला कर चूर्ण बनाये गर्म पानी से सुबह सैवन करे

9:- सफेद जीरा और काला जीरा १० -१० ग्राम ले घी में भूनकर चूर्ण बना लें फिर इसमें थोड़ा सा हिंग और थ ओर थौडा सा सैधा नमक मिलाकर सुबह खाली पेट सहद क् साथ चाट ल्
10:- 100ग्राम हरड़ +100ग्राम अजमौद तथा 25 ग्राम सौंठ
सबको मिलकर बारिक चूर्ण बनाये सुबह श्याम 1-1 चम्मच गर्म पानी से सेवन करे

11:- पीपल की छाल का काढा बनाकर पीये

12:- 10 ग्राम सौंठ +20 ग्राम अश्वगंधा +30 ग्राम मिश्री
तीनो को मिलाकर चूर्ण बनाये और 1-1 चम्मच गर्म पानी से लें

13:- बबूल की गोंद को पिसकर चूर्ण बनाये और आधा चम्मच गर्म पानी के साथ ले

14:- सरसों के तेल में थौडा कपूर डालकर धूप में गर्म करें और इससे कमर की मालिश करें

15:- और नियमित प्रणायाम करें

कमर दर्द के घरेलू नुस्खे

कमर दर्द (Back pain in Hindi) किसी भी उम्र के व्यक्ति को परेशान कर सकता है फिर वह महिला हो या पुरुष.हम में से लगभग प्रत्येक व्यक्ति एक या अधिक बार कमर दर्द का शिकार होता ही है. कमर के निचले, मध्य और ऊपर की तरफ दर्द के साथ साइटिका का दर्द भी एक आम बिमारी है. मेरुदंड में गड़बड़ी, कमजोर मांसपेशियां, गलत पोजीशन में सोने या पोषण में कमी की वजह से कमर दर्द हो सकता है, इसके अलावा अधिक तनाव में रहने और चिंता करने से भी यह समस्या दिखाई देती है.

कभी भी बहुत भारी सामान या कोई भरी भरकम वस्तु उठाने के पहले सावधान रहे. ज़रूरत से ज्यादा वजन उठाना कमर दर्द का कारण बन सकता है और अधिकांशतः यह देखा जा सकता है. जब कुछ भरी चीज उठायें तो घुटनों को मोड़ कर बैठने की मुद्रा बना लें. अपने हाथ और कोहनी तक का सहारा लेते हुए भरी चीज को उठायें.

मालिश (Massage)

अगर कमर दर्द हो तो मालिश या मसाज एक बहुत अच्छा घरेलू इलाज है. प्रभावित हिस्से में हलकी मसाज लें. किसी हर्बल ऑइल की मदद से मसाज लेनी चाहिए लेकिन हमेशा ध्यान रखें कि मसाज में दबाव नहीं होना चाहिए.

गेंहू के द्वारा उपचार  (Wheat treatment)

एक कप गेंहू में रात भर के लिए पानी में भिगो कर रख दें.दुसरे दिन इस भीगे हुए गेंहूं को  धनिये और खस (Cuscus grass) के साथ मिलाकर पीस लें. एक कप दूध के साथ इस मिश्रण को उबाल लें और कुछ नमिनट तक उबालने पर जब यह गाढ़ा हो जाये तो इसे दिन में दो बार सेवन करें.

अदरक (Ginger)

अदरक में दर्दनाशक और जलनरोधी गुण पाया जाता है. कमर दर्द में इसके सेवन से बहुत लाभ मिलता है. अदरक के टुकड़े को पीस कर पेस्ट बना लें और प्रभावित हिस्से में इs पेस्ट को लगा कर रखें. इसके अलावा अदरक का प्रयोग खाने के साथ या चाय आदि में भी कियता जा सकता है.
बर्फ (Ice pack)

कमर दर्द में सेंक का प्रभाव बहुत आराम प्रदान करने वाला होता है. कमर दर्द और सूजन को कम करने के लिए बर्फ की सेंक ली जा सकती है. इसे घर में तैयार करने के लिए बर्फ के टुकड़ों को एक प्लास्टिक बैग में भरें और एक तौलिये में लपेट कर इसे सेंक के रूप में लें.

बलूत का गोंद (Oak tree gum)

ओक ट्री गम या बलूत के पेड़ से निकलने वाले गोंद का प्रयोग कमर दर्द में बेहतरीन होता है इसके फायदों को देखते हुए आज बाज़ार में यह पाउडर के रूप में भी पाया जाता है. सुबह खाली पेट में एक चम्मच ओक ट्री गम का सेवन करने से दर्द में लाभ होता है.

बैठने की मुद्रा (Sitting position)

बैठने की गलत मुद्रा भी कमर दर्द का कारण होती है. अगर आप गलत तरीके से बैठते हैं तो इसका असर कमर और स्पाइन पर पड़ता है. लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने से भी कमर की तकलीफ हो सकती है. अगर आपको काम के दौअर्न अधिक देर बैठे रहने की ज़रूरत पड़ती है तो थोड़े थोड़े अन्तराल में उठकर चलना फिरना करें, इसके अलावा इस दौरान हलकी एक्सरसाइज भी की जा सकती है.

तुलसी (Basil leaves)

तुलसी में दर्दनिवारक गुण पाए जाते हैं जो कमर दर्द में राहत देता है. रोजाना 8 से 10 तुलसी के पत्तों को एक कप पानी में उबाल लें, जब पानी आधा रह जाये तो इसे ठंडा कर लें. इसमें एक चुटकी नमक मिलाकर दिन में दो बार पीने से कमर का दर्द कम होता है.

खसखस (Poppy seeds)

खसखस कमर दर्द का घरेलू उपाय है जो दर्द को कम करता है. खसखस को मिश्री के साथ मिलाकर पीस लें. अब इसे दिन में दो चम्मच सुबह शाम लें. इससे कमर का दर्द कम होता है.