Thursday, November 16, 2017

हृदय की बीमारी

*हृदय की बीमारी*

*आयुर्वेदिक इलाज !!*

हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे

उनका नाम था *महाऋषि वागवट जी !!*

उन्होने एक पुस्तक लिखी थी

जिसका नाम है *अष्टांग हृदयम!!*

*(Astang  hrudayam)*

और इस पुस्तक मे उन्होने ने
बीमारियो को ठीक करने के लिए *7000* सूत्र लिखे थे !

यह उनमे से ही एक सूत्र है !!

वागवट जी लिखते है कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है !

मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है !

तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे acidity(अम्लता ) बढ़ी हुई है !

अम्लता आप समझते है !

जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!

*अम्लता दो तरह की होती है !*

एक होती है *पेट कि अम्लता !*

*और एक होती है रक्त (blood) की अम्लता !!*

आपके पेट मे अम्लता जब बढ़ती है !

तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है !!

खट्टी खट्टी डकार आ रही है !

मुंह से पानी निकाल रहा है !

और अगर ये अम्लता (acidity)और बढ़ जाये !

तो hyperacidity होगी !

और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अम्लता  (blood acidity) होती !!

और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त  (blood) दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता !

और नलिया मे blockage कर देता है !

तभी heart attack होता है !! इसके बिना heart attack नहीं होता !!

और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं !

क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!

इलाज क्या है ??

वागबट जी लिखते है कि जब रक्त (blood) मे अम्लता (acidity) बढ़ गई है !

तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय है !

आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !

*अम्लीय और क्षारीय !!*

*acidic and alkaline*

अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो क्या होता है ! ?????

*acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है )?????*

*neutral*

होता है सब जानते है !!

तो वागबट जी लिखते है !

*कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय(alkaline) चीजे खाओ !*

तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी !!!

और रक्त मे अम्लता neutral हो गई !

तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं !!

ये है सारी कहानी !!

अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो क्षारीय है और हम खाये ?????

आपके रसोई घर मे ऐसी बहुत सी चीजे है जो क्षारीय है !

जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए !

और अगर आ गया है !

तो दुबारा न आए !!

सबसे ज्यादा आपके घर मे क्षारीय चीज है वह है लौकी !!

जिसे दुधी भी कहते है !!

English मे इसे कहते है bottle gourd !!!

जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है !

इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है !

तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो !!

या कच्ची लौकी खायो !!
वागवतट जी कहते है रक्त  की अम्लता कम करने की सबसे  ज्यादा ताकत लौकी मे ही है !

तो आप लौकी के रस का सेवन करे !!

कितना सेवन करे ?????????

रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो !!

कब पिये ??

सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते है !!

या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते है !!

इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते है !

इसमे 7 से 10 पत्ते के तुलसी के डाल लो

*तुलसी बहुत क्षारीय है !!*

इसके साथ आप पुदीने से 7 से 10 पत्ते मिला सकते है !

*पुदीना बहुत क्षारीय है !*

इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले !

ये भी बहुत क्षारीय है !!

लेकिन याद रखे नमक काला या सेंधा ही डाले !

वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले !!

ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है !!!!

तो मित्रों आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करे !!

2 से 3 महीने आपकी सारी heart की blockage ठीक कर देगा !!

21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा !!!

कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी !!

घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा !!

और आपका अनमोल शरीर और लाखो रुपए आपरेशन के बच जाएँगे !!

और पैसे बच जाये ! तो किसी गौशाला मे दान कर दे !

डाक्टर को देने से अच्छा है !किसी गौशाला दान दे !!

हमारी गौ माता बचेगी तो भारत बचेगा !!

आपने पूरी पोस्ट पढ़ी आपका बहुत बहुत धन्यवाद !!

- यदि आपको लगता है कि मेने ठीक कहा है तो आप ये जानकारी सभी तक पहुचाए

*ॐ नमो भगवते वासुदेवाय*

Monday, November 6, 2017

महिलाओं के लिए सफेद पानी और लाल पानी की परेशानी से मुक्ति के लिए

महिलाओं के लिए सफेद पानी व लाल पानी की परेसानी से मुक्ती के लिए

हमने हमारे गुरुदेव का बताया नुस्खा आजमाया है कइ बार और सफलता मिली है

*अशोक वृक्ष की छाल ली करीब ढाई तीन किलो जितनी । फिर उसको कूट कर करीब पांच छः लीटर पानी में डालकर अच्छी तरह से उबाला । जब तक की पानी आधा नहीं हो गया तब तक उबाला । फिर कपड़े से छान लीया  और फिर प्रतीदिन मरीज को आधा गिलास पानी में आधा गिलास दूसरा पानी मिलाकर पीने की सलाह दी गई.
इस प्रयोग से कुछ ही दिनों में उन महिलाओं को आराम हो जाता है लाल व सफेद पानी की परेसानी से निजात मिल जाएगी

मौसमी खाँसी के लिये सेंधा नमक

*मौसमी खाँसी के लिये सेंधा नमक*
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सेंधे नमक की लगभग एक सौ ग्राम डली को चिमटे से पकड़कर आग पर , गैस पर या तवे पर अच्छी तरह गर्म कर लें . जब लाल होने लगे तब गर्म डली को तुरंत आधा कप पानी में डुबोकर निकाल लें और नमकीन गर्म पानी को एक ही बार में पी जाएँ . ऐसा नमकीन पानी सोते समय लगातार दो - तीन दिन पीने से खाँसी , विशेषकर बलगमी खाँसी से आराम मिलता है . नमक की डली को सुखाकर रख लें एक ही डली का बार बार प्रयोग किया जा सकता है .

आंवले के फायदे

आंवले –
   आंवले को आयुर्वेद में गुणों की खान माना गया है। यह कई बीमारियों को दूर करता है। इसका अपना पौष्टिक महत्व भी है। संतरे से बीस गुना ज्यादा विटामिन सी इसमें पाया जाता हैं। आंवले को गूजबेरी के नाम से भी जाना जाता हैं। आंवले का सबसे बड़ा गुण यह है कि इसे पकाने के बाद भी इसमें मौजूद विटामिन सी खत्म नहीं होता।आज हम आपको बताने जा रहे हैं आंवले के कुछ ऐसे ही पौष्टिक गुणों के बारे में......

-आंवला मोतियाबिंद की परेशानी में फायदेमंद रहता है।

- सुबह नाश्ते में आंवले का मुरब्बा खाने से आप स्वस्थ बने रह सकते हैं।

- आंवला हमारी आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

- आंवला हमारे पाचन तन्त्र और हमारी किडनी को स्वस्थ रखता है।

- आंवला अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।

- आंवला खाने से सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

- दिल को सेहतमंद रखने के लिए रोजा आंवला खाने की आदत डालें। इससे आपके दिल की मांसपेशियां मजबूत होंगी।

- आंवला बालों को मजबूत बनाता है, इनकी जड़ों को मजबूत करता है और बालों का झडऩा भी काफी हद तक रोकता है।

- आंवला खाने से कब्ज दूर होती है। यह डायरिया जैसी परेशानियों को दूर करने में बहुत फायदेमंद है।

- एसीडिटी की समस्या है, तो एक ग्राम आंवला पाउडर और थोड़ी-सी चीनी को एक गिलास पानी या दूध में मिलाकर लें।

- आंवला खाने को अच्छी तरह पचाने में मदद करता है, जिससे आपको खाने के तमाम न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं

अरुचि के लिये मुनक्का, हरड़ और चीनी

*अरुचि के लिये मुनक्का हरड़ और चीनी*
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भूख न लगती हो तो बराबर मात्रा में मुनक्का ( बीज निकाल दें ) , हरड़ और चीनी को पीसकर चटनी बना लें . इसे पाँच छह ग्राम की मात्रा में ( एक छोटा चम्मच ) , थोड़ा शहद मिला कर खाने से पहले दिन में दो बार चाटें .

Friday, November 3, 2017

खांसी जुकाम का प्रयोग

🌺🙏🏻🌺 *!! खांसी जुकाम का प्रयोग !!* 🌺🙏🏻🌺

......एक ख़ास दवा, जब कभी जुकाम हो जाए या खांसी हो जाए कैसी भी तो आप थोडा सा अदरक देशी घी में सुन्हेरा होने तक भूने और आंच से उतार कर घी अलग कर ले फिर अदरक में बहुत थोडा सा गुड हाथ से मसल कर डाले और जितना गरम खा सकते है खा ले और एक घंटे तक पानी ना पिए. दो बार में ही हमेशा के लिए जुकाम और खांसी ठीक हो जाएगी. यह नुस्खा बहुत बार अपनाया हुआ है और १००% खरा उतरा है.!!

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मोटापा नाशक चूर्ण

आयुर्वेदिक मोटापनाशक चूर्ण

पोदीना पंचाग 100 ग्राम
दारू हल्दी 80 ग्राम
मेथी 50 ग्राम
करंजी 20 ग्राम
आवला 100 ग्राम
गिलोय 20 ग्राम
कुटकी 50 ग्राम
बहेड़ा 30 ग्राम
कालीजीरी 50 ग्राम
चिरायता 20 ग्राम
भूमि आवला 50 ग्राम
हरड़ 150 ग्राम
शुद्ध गुगुल 10 ग्राम
बाकुची 10 ग्राम
जीरा 50 ग्राम
शुद्ध शिलाजीत 10 ग्राम
दालचीनी 30 ग्राम
सोंफ 50 ग्राम
धनिया  50 ग्राम
काली मिर्च 20 ग्राम
जीरा 50 ग्राम

सभी को कूट पीस कर चूर्ण बना ले और सुबह शाम एक एक चमच्च गुनगुने पानी से ले
5 से 10 किलो वजनकम हो जाएगा 30 दिन से 40 दिन में । इसको काढ़ा बनाकर भी लिया जा सकता है जिससे इसका और भी बेहतर रिजल्ट आयेगा ।