*बाल झड़ने की समस्या का घरेलू उपचार*---
1.एक लीटर तिल के तेल में एक मुठ्ठी भृंगराज की सूखी या गीली पत्तियाँ या उनका पाउडर मिला लें ।इस तेल को 15-20 मिनट तक उबालें,और फिर ठंडा करके छान लें।इस तेल को सुबह लगाये, और आधा घंटे बाद किसी भी आयुर्वेदिक शैम्पू से सिर धो लें। इससे एक हफ्ते में ही बाल झड़ना बंद हो जाते हैं ।
2. काले तिल को शहद और दूध में पीसकर सिर पर लेप करें।इससे बाल गिरना बंद हो जाते हैं और बाल तेजी से बढ़ते भी हैं ।
3.काले तिल,आंवला और मुलहठी पीसकर शहद में मिलाकर सिर पर लेप करें ।इसको लगाने से बाल गिरना तो बंद होता ही है साथ में बाल कालें भी होते हैं और तेजी से बढ़ते भी हैं ।
Health and Vastu Tips
Sunday, April 15, 2018
बाल झड़ना
शुगर
🍚सुगर का बेहतरीन इलाज ///
तीन दिन मे 🤒सुगर खत्म ///
तीन भिन्डी लेकर उनके दोनों सिरे काट दें ,हर भिन्डी के बीच मे चाकू से चीरा लगा दें,ताकि उसके अन्दर की जो लीस होती है वह बाहर निकलना शुरू हो जाये,अब भिन्डियों को सारी रात एक गिलास पानी मे भिगोकर छोड दें,सुबह नाश्ता करने के एक घंटे बाद भिन्डियाँ गिलास से निकाल लें पानी हिलाये बगैर उस पानी को पी लें, इसके एक घंटे बाद अपनी सुगर चेक करें,जिनको 300से ऊपर सुगर रहती है वह इस पानी को तीन दिन तक पियें तो आप देखेंगे कि सुगर 150से भी कम हो गया है,
इस नुस्खे को मामूली समझकर नजरअंदाज मत कीजिये,,बहुत ही हैरतअंगेज नुस्खा है !
इसके बारे मे दूसरों को भी बतायें,
देशी सेरलेक
घर पे सेरेलक बनाने का तरीका :-*
सामग्री :-*
👉🏻 १ कप रागी
👉🏻 १ कप बाजरा
👉🏻 १ कप गेहूं
👉🏻 १ कप मकई (छोटी)
👉🏻 १ कप मकई (बड़ी)
👉🏻 १ कप ब्राउन राइस
👉🏻 १ कप मुंग दाल
👉🏻 १ कप चना दाल
👉🏻 १ कप भुना चना
👉🏻 १ कप उरद की दाल
👉🏻 आधा कप बादाम
घर पे बच्चों के लिए सेरेलक बनाने की विधि :-भारतीय आयुर्विज्ञान से सौन्दर्य विशेषज्ञा वनीता जैन बता रही हैं कि बादाम को छोड़ कर सभी सामग्रियों को रात भर पानी में भिगो के छोड़ दें। अगले दिन पानी को निकाल दें और उसे अच्छी तरह सूखने के लिए धुप में फैला के रख दें। सूख जाने पे इसे तवे पे हल्का भून लें। सारी सामग्री को ब्लेंडर में पीस लें। अच्छी तरह पीस कर इसे एयर टाइट कंटेनर में रख दें।
घर के बने सेरेलक को तैयार करने का तरीका :-*
एक कडाही को गैस पे माध्यम आंच पे चढ़ाएँ।इसमें दो बड़े चम्मच घर-पे-निर्मित सेरेलक डालें और हल्का सा भुन लें।
इसमें एक बड़ा गिलास पानी डाल दें और माध्यम आंच पे पकने दें। अब इसे दलिए की तरह पकाएं।
आवश्यकता अनुसार इसमें नमक या चीनी मिलाएं।सौन्दर्य विशेषज्ञा वनीता जैन का कहना है कि छोटे शिशु के लिए आहार तैयार करते वक्त इसमें नमक या चीनी मिलाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
त्वचा रोग
*त्वचा का कालापन दूर करने का घरेलू उपचार*---
एक बाल्टी ठंडे जल में दो नींबू का रस मिलाकर गर्मियों में निरन्तर कुछ मास स्नान करें । शीतकाल में हल्के गर्म पानी में नींबू निचोडकर स्नान कर सकते हैं । नींबू मिश्रित जल से स्नान करने से रोम-छिद्र स्वतः ही खुल जाते है और त्वचा का रंग गोरा होने लगता है।
इमली 60ग्राम लेकर 250ग्राम पानी में फूलने दे।उसे मसल मथकर चटनी के समान बना लें । इसे शरीर की त्वचा पर मलकर दस पन्द्रह मिनट बाद स्नान किया जाय तो कुछ ही दिनों में काला व्यक्ति गोरा होने लगता है तथा झांई, दाग, पित्ती आदि से छुटकारा मिल जाता है । गर्मियों के मौसम में सप्ताह में दो बार आवश्यकतानुसार तीन-चार सप्ताह तक यह प्रयोग कर सकते है
विटामिन सी
विटामिन सी (Vitamin C)
विटामिन सी एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत है. जिसका प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है. इसे आप आसानी से पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं. इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड यूरिक एसिड के लेवल को नियंत्रण में रखता है.
सेब (Apple)
सेब में मेलिक एसिड मौजूड होता है, यह यूरिक एसिड के स्ट्रा को कंट्रोल में करता है और दर्द को भी कम करने में मदद करता है. ऐसे लोग जिनका यूरिक एसिड उच्च रहता है उन्हें रोजाना एक सेब नियमित रूप से खाना चाहिये.
बेरियाँ (Berries)
बेरियों में ब्लूबेरी, क्रेनबेरी के अलावा रंगीन और गहरे रंग की बेरीज का प्रयोग करना चाहिए. इनमें अतिरिक्त कैलोरी भी नहीं होती जिससे आप रोजाना इसे शाम के स्नैक्स के समय सेवन कर सकते हैं.
सब्जियां (Vegetables)
अगर आप बहुत अधिक फलों का सेवन करना नहीं चाहते ह=तो सब्जियों में भी अनेक विकल्प मौजूद हैं जिनका प्रयोग खान ए और जूस आदि के रूप में भी किया जा सकता है. अनेक तरह की हरी सब्जियां यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रण में रखने में सहयोग देती है. अपने लिए उचित सब्जी का चुनाव आप अपने चिकित्सक की सलाह से भी ले
किसी भी शारीरिक परेशानी को दूर करने का सबसे पहला उपाय पानी है. पानी पीना सेहत के लिए ज़रूरी है और इसकी सही और अधिकतम मात्रा का सेवन किया जाना और भी बेहतर होता है. हनिकारक एसिड तत्व को पेशाब द्वारा शरीर से बाहर निकालने में पानी का ख़ास योगदान है, इसीलिए जितना हो सके उतनी मात्रा में पानी पियें.
पानी के अलावा पानी से भरपूर फलों और सब्जियों का भी सेवन किया जा सकता है जिसमें टमाटर, तरबूज, खीरा आदि प्रमुख हैं. इन सब्जियों में एल्केलाइन होता है जो यूरिक एसिड को कम करता है. यूरिक एसिड को कम करने के लिए चाय या काफी का प्रयोग बिल्कुल कम कर दें, इसमें मौजूद कैफीन की मात्रा नुकसानदायक होती है.
टॉन्सिल
Best home remedies for tonsillitis – टॉन्सिल के घरेलू उपाय
टॉन्सिल गले के दोनों ओर स्थित लिम्फेटिक टिश्यु या ऊत्तक होते हैं. ये ऊत्तक बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़कर सुरक्षा का कार्य करते हैं. ये उन बैक्टीरिया और वायरस को अपने में अवशोषित करते हैं जो शरीर के किसी अंग या भीतरी हिस्से को क्षति पहुंचा सकते हैं. टोंसिलाइटिस होने पर सूजन और दर्द का अनुभव होता है. यह खासकर बदलते हुए मौसम में बच्चों को प्रभावित करता है. यह अवस्था तब दिखाई देती है जब टोंसिल कीटाणुओं या बैक्टीरिया का सामना नहीं कर पाते और उनमें परिणामस्वरूप सूजन हो जाती है.
टोंसिलाइटिस के लक्षण और जांच
(Tonsillitis test or diagnosis)
टोंसिलाइटिस की अवस्था में सूखा बलगम, उच्च शरीर ताप या ज्वर के साथ कंपकपी होती है. सांसों में दुर्गन्ध भी इसका एक खास लक्षण है. शुरूआती दिनों में सूजन और लालिमा मुंह और जीभ में भी दिखाई देती है. टोंसिलाइटिस 12 से 13 दिनों तक प्रभवे रहता है और इसके दोबारा लौटने की संभावना भी हो सकती है. ठंडे या मौसम के बदलने के दौरान यह फिर अपना प्रभाव दिखा सकता है. इसमें गले में सूजन के साथ साथ जीभ कठोर और स्वाद खराब होने का अनुभव भी होता है.
अगर रोगी डॉक्टर के पास जाये तो उसे गले में एक तरह की पट्टी लगा कर टेस्ट के लिए भेजा जाता है.
बैक्टीरिया और वायरस का सामना करने की वजह से यह समस्या गले को प्रभावित करती है. जब टोंसिल वायरस का सामना कर उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते तो यह प्रभावित होकर सूज जाते हैं. इस रोग में बात करने में परेशानी होती है. यह स्थिति गले में दर्द से भी बदतर होती है जिसमें मुंह की लार को निगलना भी तकलीफदेह होता है. टोंसिल का प्रमुख लक्षण गले में अचानक सूजन और दर्द है.
[14/04 10:08 pm] +91 99889 91397: टोंसिल के रोगी को ठन्डे मौसम और ठन्डे पदार्थों के सेवन में अत्यधिक तकलीफ महसूस होती है. अगर रोग नया हो तो इसमें सुधार किया जा सकता है लेकिन पुराने टोंसिल के रोग में मरीज की हालत बहुत खराब हो जाती है. इस समय किसी भी तरह का ठंडा पदार्थ खाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
टोंसिल में गले के साथ साथ दर्द कान के हिस्से तक पहुँच जाता है और साथ ही दिन में सिर दर्द की समस्या भी हो सकती है. लार या भोजन को निगलना बहुत कठिन होता है. भूख में भी कमी आ जाती है. मरीज को बोलने में तकलीफ होने के साथ ज्वर भी बना रहता है.
घर या रसोई में कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो टोंसिल के घरेलू इलाज या उपाय के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. ये चीजें संक्रमण को दूर करने में उपयोगी हैं.
गर्म पानी (Warm water)
गर्म पानी दर्द और सूजन में आराम देता है. दिन में 2 से 3 बार गर्म पानी में गरारा करने से सूजन में कमी आती है और दर्द में भी राहत मिलती है.
हल्दी (Turmeric)
हल्दी में दर्दनिवारक गुण होते हैं. हल्दी का प्रयोग गर्म पानी में मिलाकर गरारे के रूप में किया जा सकता है. इसके अलावा हल्दी का एक और प्रयोग भी है. गर्म पानी में हल्दी, काला नमक और काली मिर्च मिलाकर उबालें. इस पानी का प्रयोग गरारे के रूप में दिन में एक बार करें. रात को सोने के पहले इस प्रयोग को करना अधिक लाभदायक होता है.
काली मिर्च (Black pepper)
काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से युक्त एक औषधि है. यह दर्द को भी कम करने में मदद करता है. काली मिर्च का पाउडर दिन में 3 से 4 बार विभिन्न तरीकों से सेवन किया जाना लाभदायक है.
तुलसी अदरक की चाय (Basil ginger tea)
अदरक, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी के उबालकर काढ़ा बना लें. इसे ठंडा करके रखें. रात को सोने से पहले इसे दूध में मिलाकर पी लें.
हृदय रोग
*सफल सिद्ध नुस्खे*---
*ह्रदय रोग*--अश्वगंधा, निर्गुण्डी, गिलोय, अर्जुन छाल, वायविडंग, आंवला, हरड, बहेडा, कालीमिर्च, पीपर, सोंठ--सभी द्रव्यों का घनसत्व बनाकर एक सार कर लें । इसकी 1-1 ग्राम मात्रा शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करें।यदि स्वस्थ व्यक्ति भी इस नुस्खे का सेवन वर्ष में एक महिने भर के लिए कर लें तो ह्रदय रोग की सम्भावना लगभग नगण्य हो सकती है ।