....मौसम परिवर्तन...
इस समय वर्षा के कारण कही ज्यादा पानी है तो कही कम पानी की वजह से मौसम काफी खराब है ! अत्यधिक गर्मी और उमस से हाथ पैर दुखना , बुखार जैसा लगना सामान्य बात है ! इस सब से बचने के लिए २१ पत्ती तुलसी की ४ दाने काली मिर्च २ लौंग और ५ ग्राम गिलोय का पाउडर ३ कप पानी में उबालकर जब वह एक कप के लगभग हो जाए तब उसे छानकर ठंडा करके सुबह खाली पेट या रात को आखिर में सोते समय हर ३ दिन में एक बार सेवन करे ! छोटी मोटी बीमारियों से बचे रहेंगे !!!
Friday, October 27, 2017
हाथ पैर दुखना , बुखार जैसा लगना
बाल घने करने के उपाय और झड़ने से रोकने के उपाय
बाल घने करने के उपाय और झड़ने से रोकने के उपाय
अब देखे की बाल कैसे घने बनाये बाल घने करने के उपाय इस प्रकार है| ऐसा अक्सर होता है की बाल झड़ते रहते है| अगर नए बाल जल्दी से न उगे तो बाल घने नहीं लगते है| बालों को उगने के लिए और गिरने से बचने के लिए यह प्रयोग करे|
बालों को उगाने का तरीका है प्याज का रस निकाल के बोतल में भर के फ्रिज में रख दे| हर रोज यह रस को बालो के जड़ो में लगा के ३० मिनट तक रहने दे और बाद में धो दे|
एक अंडा ले के एक बरतन में तोड़ दे और नारियल का तेल और निम्बू डाल के अच्छी तरह फेटे और इस को बालों के जड़ो में मसल के लगा दे और ३० मिनट तक रहने दे|
दहीं को दो तीन दिनों तक रहने दे और बिलकुल खट्टा हो जाए तब बालों में लगा के रखे तो बाल गिरने से बचेंगे और काले भी दिखेंगे| लम्बे समय तक सफ़ेद भी नहीं होंगे|
ताजा आमला का रस बालों के लिए उत्तम है|
बालों को घना करने का तरीका (balo ko ghana karne ka tarika in hindi) एक और है की आप हरे धनिये का रस निकल के बालों में लगाये|
बाल झड़ते है या तो रुसी है और ऐसे कारणों के लिए आप नीम के पत्ते को उबले और यह पानी को निम्बू के रस के साथ मिला के बालों में लगा दे| रुसी से बाल झड़ते है तो रुसी निकल जाने पर बाल नहीं झड़ेगे और घने दिखने लगेंगे| तुलसी का रस भी इस हालात में फायदेमंद है| लहसुन को कूट के अरण्डी के तेल में दाल के गरम करे और इस तेल में नीम के बीज का तेल मिला के लगाये तो रुसी और डर्मेटाइटिस मिट जाएगा और बाल नहीं झाडेंगे|
बालों के लिए आयुर्वेदिक उपाय (balo ke liye ayurvedic upay) में जटामांसी, ब्राह्मी, भृंगराज और आमला को उत्तम माना गया है| हर हप्ते एक बार तो इन सभी को मिला के इन का रस निकाल के बालों में मल देने से बाल लम्बे होंगे, घने होंगे और काले भी रहेंगे|
काली मिर्च पिसी हुई, निम्बू के बीज पिसा हुआ, यष्टिमधु चूर्ण सभी को प्याज के रस में मिला के बालों के जड़ो में मल दे तो गिरने से बचेंगे आप के बाल और लम्बे भी होने लगेंगे|
बादाम का तेल भी बालों को घाना बनाने में मददगार है|
उड़द दाल को भिगोके कूट दे और दही में मिला के बालों में लगाये|
तिल का तेल और सरसों का तेल का उपयोग बाल झड़ने से रोकने में कारगार है|
गरम पानी से कभी भी बाल न धोये|
बालों को धोने के बाद चाय का पानी लगा दे|
हप्ते में २ से ३ बार ऊपर बताये गए नुस्खे का प्रयोग करे|
बाल अगर टूटते है और बहुत ही महीन है तो अंडे का सफ़ेद भाग और घृत कुमारी (एलोवेरा) का मिश्रण लगाये|
रात को सोने से पहले बड़े नोक वाले कंघी से अच्छी तरह से बालों के जड़ो में घुमाये| चमकीले बनाने के लिए बाद में नरम रेशे वाले ब्रश से ब्रश करें | हर दूसरे या तीसरे दिन बाल लम्बे करने का तेल उपयोग करे और उँगलियों से १० मिनट तक मालिश करते रहे|
बालों के लिए बालों को लम्बा करने के घरेलु नुस्खे (balo ko lamba karne ke gharelu nuskhe in hindi), बालों को बढ़ने के उपाय (balo ko badhane ke upay in hindi) और बाल गिरने से रोकने के उपाय आप ने जान लिया| साथ में यह भी जरूरी है की पोषण होना चाहिए, भरपूर पानी पीना चाहिए और नींद भी पूरी लेनी चाहिए| तनाव मुक्त रहे, बालों को धूप से बचा के रखे|
Saturday, October 14, 2017
डेंगू
डेंगू को 48 घंटे मे समाप्त
करने की क्षमता रखने वाली
दवा । कृपया इस संदेश को
अधिक से अधिक लोगो तक भेजे महत्वपूर्ण सूचना :-
यदि किसी को डेगूँ या साधारण बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो गयी है तो एक होमोपेथिक दवा है।
EUPATORIUM PERFOIAM 200
liquid dilution homeopathic medicine.
इसकी 3 या 4 बूँदें प्रत्येक 2-2 घँटें में साधारण पानी में ड़ाल कर मात्र 2 दिन पिलायें ।
यदि आप पुण्यं कमाना चाहते हैं तो यह संदेश धर्म-प्रसाद मान कर सभी को प्रेषित करे
🙏🌹
Monday, September 18, 2017
यूरिन इन्फेक्शन
क्या हैं यूरिन इन्फेक्शन के सिम्पटम्स?
- बार-बार यूरिन आना
- यूरिन से बदबू आना
- यूरिन में जलन होना
- पेट में दर्द होना
- कमर में दर्द होना
यूरिन इन्फेक्शन से बचने के लिए क्या करें?
TIP#2 नींबू पानी में शहद मिलाकर पिएं।
यूरिन इन्फेक्शन से बचने के लिए और क्या करें?
यूरिन इन्फेक्शन से बचने के लिए क्या बरतें सावधानी
यूरिन इन्फेक्शन में क्या अवॉइड करें?
यूरिन इन्फेक्शन से बचने के लिए इस बात का ध्यान रखें?
Sunday, September 10, 2017
घुटनो का दर्द
*घुटनों के दर्द की दवा – मात्र 7 दिन में दर्द गायब*
घुटनों के दर्द की समस्या आजकल आम होती जा रही है कई बार ऐसा भी होता है कि किसी कारणवश चोट लग जाने से या बढ़ती हुई उम्र के कारण या फिर व्रद्धावस्था में हड्डियों के कमजोर हो जाने से अक्सर घुटनों में दर्द होने लगता है. इस पोस्ट में हम आपको घुटनों के दर्द से राहत दिलाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं जिनका उपयोग करने पर लगभग 7 दिन में ही आपको घुटनों के दर्द से राहत मिल जाएगी.
*घुटनों के दर्द का इलाज –*
यदि आपके घुटनों में लगातार या थोड़ा-थोड़ा दर्द या तेज दर्द बना रहता है तो यहां दिए गए घरेलू नुस्खे आजमाएं और आपको 7 से लेकर 15 दिन के अंदर-अंदर इन घरेलू नुस्खों से पूरा पूरा आराम मिल जाएगा और फिर कभी आपके घुटने दर्द नहीं करेंगे. घुटनों के लिए दर्द निवारक दवा बनाने के लिए आप नीचे दिए गए कुछ नुस्खे आजमाएं.
*दर्द निवारक हल्दी का पेस्ट*
किसी चोट का दर्द हो या घुटने का दर्द आप इस दर्द निवारक हल्दी के पेस्ट को बनाकर अपनी चोट के स्थान पर या घुटनों के दर्द के स्थान पर लगाइए इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है. दर्द निवारक हल्दी का पेस्ट कैसे बनाएं इसके लिए आप सबसे पहले एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर लें और एक चम्मच पिसी हुई चीनी और इसमें आप बूरा या शहद मिला लें, और एक चुटकी चूना मिला दें और थोड़ा सा पानी डाल कर इसका पेस्ट जैसा बना लें.
इस लेप को बनाने के बाद अपने चम्मच के स्थान पर यार जो घुटना का दर्द करता है उस स्थान पर स्लिप को लगा ले और ऊपर से किराए बैंडेज या कोई पुराना सूती कपड़ा बांध दें और इसको रातभर लगा रहने दें और सुबह सादा पानी से इसको धो ले इस तरह से लगभग 7:00 से लेकर 1 सप्ताह से लेकर 2 सप्ताह तक ऐसा करने से इसको लगाने से आपके घुटने की सूजन मांसपेशियों में खिंचाव अंदरुनी च** होने वाले दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है और यह पृष्ठ आप के दर्द को जड़ से खत्म कर देता है.
Saturday, July 22, 2017
थैलेसिमिया
*🌺☘थैलेसिमिया की बीमारी का उपचार - thalassemia ki bimari ka ilaj🌺☘*
🌺थैलेसिमिया की बीमारी माता – पिता से बच्चों को हो जाती है | यह एक संक्रमित व वंशानुगत रोग है जो पीड़ी दर पीड़ी पूर्वजों से बच्चों में फैलता जाता है | यह रोग अधिकतर अरब और एशिया के लोगो में पाई जाती है | इस बीमारी से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है जैसे विवाह से पूर्व पति और पति दोनों का टेस्ट करवा लिया जाये . ऐसा करने से उनकी संतान को ये बीमारी होने से बचाया जा सकता है , इस बीमारी शरीर के अंदर शुद्ध रक्त का निर्माण नहीं हो पाता और अशुद्ध रक्त का निदान भी नहीं हो पाता जिसके कारण सिस्टम गड़बड़ में आ जाता है, हिन्दू धर्म में अपने गौत्र को छोड़ कर शादी करने की परम्परा यहाँ पर वैज्ञानिक प्रमाणित होती है, ऐसा करने से वंशानुगत बीमारी होने की संभावना 80 % तक कम हो जाती है. 8 मई को पूरे विश्व में थैलेसिमिया दिवस मनाया जाता है
*☘थैलेसिमिया के लक्षण -*
🌺इस बीमारी में रोगी का सरीर पीला पड़ जाता है,
🌺रोगी के शरीर में शुद्ध खून बनना बंद हो जाता है,
🌺हड्डियों का विकास रूप जाता है,
🌺सोचने विचारने की क्षमता कम हो जाती है,
🌺बच्चों में सरीर के विकास की दर कम हो जाती है,
🌺बड़ो में थकावट अधिक होने लगती है,
थोड़ी बहुत मेहनत के बाद चक्कर आने लगते है,
*☘इस बीमारी की रोकथाम हम आयुर्वेदिक तरीके से कर सकते है | जो इस प्रकार से है |*
☘सर्वकल्प क्वाथ (sarvkalp kawath) :- ३०० ग्राम
*☘बनाने की विधि :-* एक बर्तन में लगभग ४०० मिलीलीटर पानी लें | इस पानी में एक चम्मच सर्वकल्प क्वाथ की मिलाकर इसे मन्द अग्नि पर पकाएं | थोड़ी देर पकने के बाद जब इसका पानी १०० मिलीलीटर रह जाए तो पानी को छानकर सुबह के समय और शाम के समय खाली पेट पीये |
☘सामग्री : -
➖कुमारकल्याण रस (kumar kalyan rasa) :- १- २ ग्राम
➖प्रवाल पिष्टी (praval pisti) :- ५ ग्राम
➖कहरवा पिष्टी (kaharva pisti) :- ५ ग्राम
➖मुक्ता पिष्टी (mukta pisti) :- ५ ग्राम
➖गिलोय सत (giloy sat) :- १० ग्राम
➖प्रवाल पंचामृत (praval panchamrit) :- ५ ग्राम
☘इन सभी आयुर्वेदिक औषधियों को आपस में मिलाकर एक मिश्रण बनाए | अब इस मिश्रण की बराबर मात्रा में ६० पुड़ियाँ बना लें और किसी डिब्बे में बंद करके रख दें | रोजाना एक – एक पुड़ियाँ और शाम के समय खाना खाने से आधा घंटा पहले ताज़े पानी के साथ या शहद के साथ खाएं |
🌺सामग्री : -
➖कैशोर गुगुल (Kaishor guggal ) :- ४० ग्राम
➖आरोग्यवर्धिनी वटी(aarogaya vardhini vati):- २० ग्राम
🌺इन दोनों औषधीयों की एक – एक गोली रोजाना सुबह और शाम के खाना खाने के बाद लें | इस औषधि को हल्के गर्म पानी के साथ लें |
☘सामग्री : -
➖धृतकुमारी स्वरस(Dhritkumari Savrasa) : - १० मिलीलीटर
➖गिलोय स्वरस (giloye Savrasa) :- १० मिलीलीटर
🌺इन दोनों औषधियों में से किसी एक रस में गेहूँ के ज्वारे का रस मिलाकर पीये | इस उपचार को रोजाना सुबह और शाम खाली पेट पीये | बहुत लाभ मिलेगा |
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